सेनेगल के डकार में खेले जा रहे यूथ ओलंपिक गेम्स में भारत की 15 साल की तन्वी पत्री ने बैडमिंटन महिला सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीता है। वे इस इवेंट में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। गुरुवार को खेले गए फाइनल में तन्वी को चीन की मौजूदा वर्ल्ड जूनियर चैंपियन झांग यी शिन ने 21-15, 13-21, 24-26 से हराया। 1 घंटे 22 मिनट चले मुकाबले में तन्वी ने 5 मैच प्वाइंट बचाए और 3 बार गोल्ड जीतने के करीब पहुंचीं। पहले गेम में जीतीं तन्वी, तीसरे गेम में वापसी के बाद हारीं पहला गेम (21-15): शुरुआत में तन्वी ने लय हासिल करने में थोड़ा समय लिया। वे एक समय 3-5 से पिछड़ रही थीं। इसके बाद उन्होंने लगातार 7 पॉइंट जीतकर 10-5 की बढ़त बना ली। पंच टॉस और नेट पर शानदार खेल के दम पर तन्वी ने 25 मिनट में पहला गेम 21-15 से जीत लिया। दूसरा गेम (13-21): तन्वी ने दूसरे गेम की शुरुआत भी अच्छी की और 4-0 की बढ़त बना ली। हालांकि, कोर्ट पर हवा के बहाव (ड्रिफ्ट) के कारण उनके शॉट्स पर कंट्रोल प्रभावित हुआ। मिड-गेम इंटरवल के बाद झांग ने खेल पर पकड़ बनाई और 21-13 से गेम जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। तीसरा गेम (24-26): निर्णायक गेम में झांग ने क्रॉस-कोर्ट ड्रॉप शॉट्स से तन्वी को परेशानी में डाला और 19-10 की बढ़त बना ली। इसके बाद तन्वी ने लगातार संघर्ष करते हुए स्कोर का अंतर कम किया। उन्होंने झांग के 5 मैच पॉइंट बचाए और खुद भी 3 बार गोल्ड मेडल जीतने से एक पॉइंट दूर पहुंचीं। हालांकि, झांग ने दबाव में बेहतर खेल दिखाया और 26-24 से गेम जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। यूथ ओलंपिक्स में सिल्वर जीतने वाली तीसरी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी से पहले यूथ ओलंपिक गेम्स के इंडिविजुअल बैडमिंटन इवेंट में दो भारतीय खिलाड़ी सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। एचएस प्रणय ने 2010 में और लक्ष्य सेन ने 2018 में पुरुष सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीता था। लक्ष्य सेन ने 2018 में मिक्स्ड टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता था। इस तरह तन्वी यूथ ओलंपिक्स के इंडिविजुअल बैडमिंटन इवेंट में मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय और महिला सिंगल्स में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। BAI ने दी बधाई, कहा- 15 साल की उम्र में सिल्वर जीतना असाधारण उपलब्धि तन्वी की उपलब्धि पर बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के जनरल सेक्रेटरी ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा,'तन्वी पत्री ने यूथ ओलंपिक गेम्स में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर पूरे देश को गौरवान्वित किया है। महज 15 साल की उम्र में सिल्वर मेडल जीतना असाधारण उपलब्धि है।' उन्होंने आगे कहा, "पूरी प्रतियोगिता में उनका जुझारू रवैया, संयम और प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों की क्षमता को दिखाता है। यह भारतीय खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। ----------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… यूथ-ओलिंपिक में मेडल जीतने वाली तन्वी की कहानी:उनके लिए पिता ने 6 लाख की नौकरी छोड़ी, 3 चाइनीज कोचों से ट्रेनिंग ली 15 साल की बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पात्री ने यूथ ओलिंपिक में मेडल पक्का कर लिया है। वे इस टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। दैनिक भास्कर ने तन्वी के पिता रबिनारायण से बातचीत की। उन्होंने बताया कि बेटी को बैडमिंटन में आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने चीन में सॉफ्टवेयर कंपनी की नौकरी छोड़ दी, जबकि महीने की सैलरी 5-6 लाख रुपए थी। इतना ही नहीं उन्होंने चीन के तीन कोचों से तन्वी को ट्रेनिंग दिलवाई। पूरी खबर