राजस्थान शिक्षक संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर बुधवार को शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री का पुतला जलाकर आक्रोश जताया तथा कलेक्ट्रेट के आगे प्रदर्शन कर सीएम के नाम ज्ञापन दिया। इससे पहले जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सीगड़ की अध्यक्षता में हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार की मनमानी, प्रतिशोधात्मक व अमानवीय स्थानांतरण नीति की आलोचना करते हुए सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का सुनियोजित प्रयास बताया। प्रांतीय महामंत्री विजय पोटलिया ने कहा कि सरकार ने तबादलों के नाम पर पारदर्शिता और मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। ऐसी नीतियां शिक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं, बल्कि कमजोर करती हैं। प्रांतीय उपाध्यक्ष भंवरलाल कस्वा ने कहा कि सीकर के लक्ष्मणगढ़ की घटना सरकार की नीतियों पर करारा तमाचा है। जिस शिक्षक ने एक साधारण स्कूल को मॉडल स्कूल बनाया, नामांकन को 75 से बढ़ाकर 250 तक पहुंचाया, उसका स्थानान्तरण किए जाने से ग्रामीण व छात्राएं सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर है। प्रांतीय संयुक्त मंत्री शुभकरण नैण ने कहा कि सरकार ने स्थानांतरण को प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रताड़ना का माध्यम बना दिया है। उन्होंने बताया कि अब 17 जुलाई को संभाग मुख्यालय चूरू में इंद्रमणि पार्क से संयुक्त निदेशक कार्यालय तक रैली निकालकर शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया जाएगा। जिला मंत्री वेदपाल मलिक ने कहा कि सरकार यदि समय रहते नहीं चेती, तो इसका खामियाजा लाखों विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। इस दौरान प्रांतीय संगठन मंत्री रतनसिंह पूनिया, प्रांतीय समिति सदस्य गौरीशंकर सिहाग, रणवीर सारण, लिखमाराम नायक, निहाल सिंह स्वामी, महेंद्र पूनिया, चौथमल चीनिया व गुरुदेव गोदारा आदि ने भी विचार व्यक्त किए तथा अन्यायपूर्ण आदेश वापस नहीं लिए जाने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। जिला सभाध्यक्ष हवासिंह, संघर्ष समिति संयोजक यूनुस अली ने 17 जुलाई को अधिकाधिक संख्या में संभाग मुख्यालय पहुंचने का आह्वान किया। इस मौके पर जिला कार्यकारिणी सदस्य अमरचंद सांडेला, राजेंद्र धेतरवाल, सरदारशहर ब्लॉक अध्यक्ष माया चौधरी, मंत्री गजानंद मेघवाल, तारानगर अध्यक्ष बनवारी फगेडिया, मंत्री इंद्राज स्वामी, राजगढ़ अध्यक्ष संजय खीचड़, चूरू अध्यक्ष अनिल लांबा, मंत्री खादिम अली, रतनगढ़ मंत्री मुरलीधर अजमेरिया, संघर्ष समिति संयोजक बजरंग बिस्सू, उपाध्यक्ष राकेश खीचड़, सुजानगढ़ मंत्री शिवपाल थालोड़, सुधींद्र जोशी, वरिष्ठ शिक्षक नेता ओमप्रकाश पूनिया, ओमप्रकाश मुहाल, गोपीचंद खीचड़ आदि मौजूद रहे।