भास्कर संवाददाता| पाली शिक्षा विभाग के 21 जून से स्कूल खोलने के फैसले को लेकर अब शिक्षकों की नाराजगी सड़कों पर आ गई है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार मूल समस्याओं से ध्यान हटाने नए-नए प्रयोग कर रही है। बुधवार को राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ की पाली शाखा ने पहले प्रदर्शन किया और बाद में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान और प्रदेश महामंत्री गोपाल मीणा के आह्वान पर जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह कुंपावत (झुपेलाव) के नेतृत्व में शिक्षकों ने जिला मुख्यालय पर नारेबाजी कर नाराजगी जताई। सभाध्यक्ष बलवंत सिंह मीणा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। संघ का आरोप है कि सरकार ने इस सत्र में स्कूल खोलने की तारीख 1 जुलाई से घटा 21 जून कर दी। इससे 10 दिन के ग्रीष्मावकाश की कटौती हो गई, जबकि जमीनी स्तर पर स्कूलों में बुनियादी संसाधनों की कमी है। कई विद्यालयों में चार वर्षों से व्याख्याताओं और शिक्षकों के पद खाली हैं। पदोन्नत प्रधानाचार्य एक वर्ष से पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। 8 वर्षों से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले तक नहीं हुए। सबसे गंभीर पहलू यह है कि जून की भीषण गर्मी में स्कूल खोलने का निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा बन सकता है, जबकि स्कूलों में गर्मी से बचाव के संसाधन नहीं हैं।