चंडावल चंडावल में सोमवार को तेजा दशमी पर जाट समाज की ओर से लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज की अष्टधातु से बनी, लीलन घोड़ी पर विराजित मूर्ति का पूजन किया। मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दिनभर गांव में जयकारे गूंजते रहे। सुबह 10 बजे से लोक कलाकारों ने तेजा गायन की प्रस्तुतियां दीं। कक्षा छठी के बाल कलाकार भीमराज मेवाड़ा ने तेजाजी और घोड़ी लीलन को समर्पित गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान महिलाएं, पुरुष और बच्चे भजनों व लोकधुनों पर नाचते नजर आए। पूजन से पहले तेजाजी मूर्ति से बस स्टैंड तक गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इसमें समाज के लोग पारंपरिक परिधान में शामिल हुए।आयोजन में 400 किलो दूध से बनी खीर प्रसादी के रूप में दिनभर बांटी गई। दोपहर बाद महाप्रसादी में लापसी भी कराई। कार्यक्रम में प्रशासक घेवरचंद भाटिया, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी सोहनलाल सीरवी, समाजसेवी राजेंद्र लहर और पूर्व सरपंच राजेंद्र किसान सहित स्थानीय लोग और समाज के नवयुवक मौजूद रहे। आयोजन समिति ने कुछ प्रबुद्धजनों और भामाशाहों का सम्मान भी किया। चंडावल में तेजा दशमी के पर्व पर जाट समाज द्वारा आयोजित तेजा गायन में उपस्थित जाट समाज के महिला पुरुष एवं बच्चों सहित ग्रामीण।