बिना कार्य योजना केभुगत रहा हैं पूरा शहर शहर के 55 वार्डों में रखे हुएकचरा पात्र हटाने के बादनगरपरिषद के पास कचरासंग्रहण की कोई ठोस कार्ययोजना नहीं हैं। हालांकिपरिषद के अधिकारी दावा कररहे हैं कि घर घर जाकर वाहनकचरा संग्रहण कर रहे हैं।लेकिन जब इसकी हकीकतजानी तो अधिकांश वार्डों में नतो कचरा संग्रहण की गाड़ीपहुंच रही हैं। व्यापारियों व नागरिकों का दर्द महावीर नगर में पराठा हाउस संचालकविकास खत्री ने बताया कि पहले कचरापात्र होने से कचरा एक जगह सीमित रहताथा। अब पात्र हटते ही खुले में पड़ा कचराहवा से उड़कर पूरी सड़क पर फैल रहा है,जिससे भारी दुर्गंध और गंदगी हो गई है। रायकॉलोनी निवासी खुशालसिंह ने बताया किनगरपरिषद ने बिना सोचे-समझे डस्टबिनहटा दिए। अब कचरा फेंकने की कोई जगहनहीं बची है। अधूरी व्यवस्था से उठेसवालों का जवाब नहीं जिन स्थानों से डस्टबिन हटाएगए, वहां कचरा डालने कीवैकल्पिक व्यवस्था क्या है?,बाजारों और व्यावसायिक स्थलोंका दिनभर का कचरा आखिरकहां जाए?यदि डोर-टू-डोर कचरासंग्रहण व्यवस्था प्रभावी है, तोफिर सड़कों पर कचरे के ढेर क्योंजमा हो रहे हैं?, इन सवालों कानगरपरिषद के अधिकारियों केपास कोई जवाब नहीं हैं। परिषद ने दिया गाइडलाइन का दिया हवाला नगरपरिषद प्रशासन का कहना हैकि केंद्र सरकार की स्वच्छ भारतगाइडलाइन के तहत शहर कोडस्टबिन फ्री श्रेणी में लाने काप्रयास किया जा रहा है।अधिकारियों का तर्क है किडस्टबिन होने से वहां कचरे केढेर लग जाते थे, इसलिए अबसीधे डोर-टू-डोर ऑटो-टिपर केमाध्यम से कचरा उठा लेंगे। दिनभर खुले में पड़े कचरे से दुर्गंध फैल रही, लोग परेशान नगरपरिषद की डस्टबिन फ्रीशहर बनाने की मुहिमबाड़मेरवासियों के लिए मुसीबतबन गई है।शहर के मुख्य मार्गों,आवासीय कॉलोनियों औरचौराहों से कचरा पात्र तो तेजीसे हटा दिए गए, लेकिन इनकेस्थान पर कचरा संग्रहण की कोईठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कीगई। नतीजा यह है कि अब शहरकी मुख्य सड़कों पर गंदगी केढेर लग रहे हैं और हवा के साथउड़ता कचरा लोगों के घरों औरछतों तक पहुंच रहा है।नगरपरिषद की इस अदूरदर्शीकार्यप्रणाली से व्यस्ततम इलाकोंकी सूरत बिगड़ गई है। सिणधरीचौराहा, रेलवे स्टेशन रोड,चौहटन चौराहा, राय कॉलोनीमुख्य मार्ग और नेहरू नगर जैसेक्षेत्रों में डस्टबिन हटते ही अबलोग खुले में कचरा फेंकने कोमजबूर हैं। बाड़मेर कचरा बिखरा हुआ ^स्वच्छ भारत मिशन की गाइडलाइन के तहत बाड़मेर को डस्टबिनफ्री और सुंदर शहर बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। शहरके सभी 55 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था सुदृढ़ कियाजा रहा है। - भगवतसिंह, आयुक्त, नगरपरिषद बाड़मेर