आयुक्तालय के आदेश पर दो दिन तक स्कूलों में मिड डे मील की जांच की जाएगी। इसके लिए 330 स्कूलों में 97 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गुरुवार को पहले दिन जिला कलक्टर कमर चौधरी ने सेवर पंचायत समिति क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बांसी एवं महुआ का निरीक्षण कर मिड डे मील योजना की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गुरुवार को खिचड़ी बनी थी। जिला कलक्टर ने चखकर उसकी गुणवत्ता, स्वाद एवं स्वच्छता की जांच की। उन्होंने दिन वार मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की जानकारी ली तथा कहा कि निर्धारित मानकों के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन ही विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, पोषण स्तर एवं नियमितता के बारे में जानकारी ली। परीक्षा परिणाम, पढ़ाई की स्थिति तथा विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं पर भी चर्चा की।साथ ही स्वच्छता और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की बात ​कहीं। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अतुल चतुर्वेदी, बांसी प्रधानाचार्य लोकेश गुप्ता, महुआ प्रधानाचार्य अर्चना कुमारी, व्याख्याता जितेंद्र वशिष्ठ, प्रभाकर शर्मा, ललित कुमार, वरिष्ठ अध्यापक प्रेम शंकर, पंचायत शिक्षक भूपेंद्र सिंह रहे। निरीक्षण पर सवाल.... दो दिन पहले ही भेज दी गई निरीक्षण सूची मिड डे मील की जांच अच्छा प्रयास है, लेकिन निरीक्षण प्रक्रिया ने सवाल खडे़ कर दिए हैं। दो दिवसीय निरीक्षण की सूचना 21 अप्रैल को डीईओ एलिमेंट्री, सीबीईओ को भेज दी गई थी कि किस स्कूल में कौन सा अधिकारी जांच के लिए जाएगा। ऐसे में उन स्कूलों में पहले से ही बेहतर तैयारी थी। इसलिए पहले दिन मिड डे मील की गुणवत्ता को लेकर कोई सवाल खड़ा नहीं हुआ। जिस राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बांसी का जिला कलक्टर कमर चौधरी ने निरीक्षण किया था। वह भी पहले से सूचना थी। हालांकि राउमावि महुआ का जिला कलक्टर ने औचक निरीक्षण किया था। क्योंकि दूसरा स्कूल सूची में नहीं था।