भास्कर संवाददाता | चूरू राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के बस बॉडी जीएम ने मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न डिपो को आवंटित की गई नई बसों की सूची जारी की। इसमें निगम ने प्रदेश भर के 22 डिपो को 144 बसें आवंटित की। इसमें इस बार भी चूरू डिपो की अनदेखी की गई। 144 में से चूरू को सिर्फ एक बस मिली है, जबकि डिपो प्रशासन 4-5 बस मिलने का दावा कर रहा था। गौर करने वाली बात तो ये है कि सूची में सीकर जोन के ही सीकर डिपो को 11 और श्रीमाधोपुर को 7 बस मिली हैं, जबकि चूरू को सिर्फ एक। इससे पहले जारी हुई सूचियों में भी चूरू को छोड़कर सीकर जोन के अन्य डिपो को बसें मिली हैं। यहां तक की जिले के सरदारशहर डिपो को भी बसें मिली हैं। चूरू डिपो को वर्तमान में बसों की काफी जरूरत है। डिपो में 2020 के बाद सिर्फ 4 ही बसें आई हैं और वो अन्य डिपो से ट्रांसफर होकर आई हैं। यानी नई बसें 2020 से मिली ही नहीं है। हर साल अन्य डिपो को बसें मिलती है और हर साल आवंटन सूची से पहले डिपो के अधिकारी बस मिलने का दावा करते हैं, लेकिन अंत में कुछ नहीं होता है। डिपो के बेड़े में खड़ी बसों की बात करें तो डिपो में निगम की 22 बसें और अनुबंधित 20 बसें हैं। निगम की 22 बसों में से 18 बसें 2020 या इससे भी ज्यादा पुरानी है। सिर्फ 4 बसें हैं जो 2024 मॉडल की हैं। ये बसें भी निगम ने चूरू को अलवर, कोटपूतली व अन्य डिपो ट्रांसफर करके भेजी हैं। उन डिपो को नई बसें मिल गई थी, जिसके चलते उनकी पुरानी बसें यहां भेज दी गई। डिपो की बसों की हालत की बात करें तो डिपो में 2017 मॉडल की 10 बसें खड़ी हैं, जबकि निगम की कुल बसें ही करीब 22 हैं। बता दें कि ये 10 बसें भी अगले कंडम हो जाएगी। आए दिन डिपो की बसें बीच रास्ते में खराब हो जाती है। बसें नहीं होने के कारण नए रूट शुरू करने तो दूर, बंद रूटों को शुरू नहीं कर पा रहे हैं। रूटों पर कम बस होने से बसों में यात्री रोज धक्के खा रहे हैं। इन सब के बावजूद भी रोडवेज निगम चूरू डिपो को बस आवंटित नहीं कर रहा है। इस संबंध में अधिकारियों से पूछने पर वे मुख्यालय स्तर पर बस आवंटित होती हैं, ये बात कह कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।