शहर के भविष्य का नक्शा अब बदलने वाला है। शहर से करीब 9 किमी दूर हरसाणी फांटा से जिप्सम हॉल्ट रोड तक के इलाके को नए प्रशासनिक हब के रूप में विकसित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यहां न केवल सुरक्षा बल की नई छावनी बनेगी, बल्कि न्यायपालिका से लेकर रीको तक के लिए जमीनें चिह्नित कर ली गई है। इस मेगा शिफ्टिंग के बाद बाड़मेर शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। अमृता देवी बटालियन के लिए सरकार ने 150 बीघा जमीन का आवंटन कर दिया है। यहां बटालियन का मुख्यालय, ट्रेनिंग सेंटर और आवास बनेंगे। पास ही फल मंडी के लिए भी 100 बीघा जमीन प्राप्त हो चुकी है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह मंडी पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख व्यापारिक मंडी बनेगी। इससे सीधे तौर पर किसानों को फायदा होगा और शहर के बीचों-बीच भारी वाहनों की एंट्री बंद हो सकेगी। कोर्ट और रीको के लिए यहीं पर जमीन प्रस्तावित वर्तमान कोर्ट परिसर में भीड़ को देखते हुए 100 बीघा जमीन जिला न्यायालय के लिए प्रस्तावित की गई है। यदि यह जमीन फाइनल होती है, तो यह प्रदेश के सबसे कोर्ट परिसरों में से एक होगा। बाड़मेर में रीको ने भी इसी रोड पर जमीन लेने के लिए प्रस्ताव भेजा है। पास की जमीन के भाव बढ़े, भूमाफिया सक्रिय प्रशासन की इस सक्रियता ने भूमाफिया और निवेशकों में हलचल बढ़ गई है। जैसे ही हरसाणी फांटा और जिप्सम हॉल्ट रोड पर सरकारी दफ्तरों के शिफ्ट होने की खबर पुख्ता हुई है, इलाके में जमीन के दाम बढ़ गए हैं। अगले 5 सालों में बाड़मेर का प्रशासनिक केंद्र यही इलाका होगा। “हरसाणी फांटा से जिप्सम हॉल्ट रोड पर अमृता देवी बटालियन और कृषि फ्रूट मंडी के लिए जमीन आवंटित हो चुकी है। वहीं जिला न्यायालय और रीको औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी इसी रोड पर जमीन प्रस्तावित है। जिससे आमजन को काफी राहत मिलेगी।” - राजेंद्रसिंह चांदावत, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, बाड़मेर