नदबई पंचायत समिति का गांव कवई, जो जघीना के बाद दूसरे बड़े गांव में गिना जाता है। करीब 7 हजार की आबादी है। यहां दो हल्का पटवारी हैं। इस गांव की सबसे बड़ी विशेषता यहां दशकों से निकल रही गांव परिक्रमा है, जिसमें लोग अलसुबह सीताराम मंदिर से परिक्रमा प्रारंभ करते हैं। रास्ते में लोग भगवत भजन करते हुए जुड़ते चले जाते हैं, जिसमें महिला और बच्चों की तादाद भी काफी रहती है। वनफूल मंदिर होते हुए परिक्रमा सीताराम मंदिर पर संपन्न होती है। प्रवचन और सद्विचारों पर चर्चा होती है। इससे गांव में सकारात्मक माहौल है। यही कारण है कि जब डेढ़ किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग को बनाने की बात आई तो अधिकांश लोगों ने बिना किसी झंझट के अतिक्रमण हटा लिए और मार्ग प्रशस्त हुआ। इस रास्ते में कई जगह कभी एक फुट तक कीचड़ थी, परिक्रमार्थी जैसे-तैसे निकलते थे। सरपंच रूप कुमारी एमए, बीएड हैं। इसलिए गांव की समस्याओं को उसके डीप में जाकर समझती हैं। सरपंच ने बताया कि विकास के सभी मामलों में गांव का सहयोग मिला। इसकी वजह गांव में सकारात्मक और सृजनात्मक विचारों का होना है। उन्होंने कवई से भटावली और बैलारा से सेवर रोड बनवाया गया है। इसके अलावा खटौली से बुढवारी सहित महरमपुर रोड पर डामरीकरण हुआ है। गांव में कुछ ऊंचे इलाकों को छोड़कर अधिकांश जगह पर पीने का पानी पहुंच रहा है। जल जीवन मिशन में श्मशान और बिजली घर के पास दो टंकियां बनी हैं। वंचित क्षेत्रों में पानी की सप्लाई की कोशिशें जारी हैं। स्कूल में बनवाए पिंक टॉयलेट... कवई गांव में सीनियर सेकेंडरी, प्राइमरी और संस्कृत बालिका स्कूल है। यहां बालिकाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनवाए गए हैं। यहां स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत है, जिसके लिए 55 लाख की लागत से नए भवन का निर्माण हो रहा है। संभावना है कि भवन बनने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रमोट हो जाए। इसके अलावा 80 सीट क्षमता की लाइब्रेरी का भी निर्माण कराया जा रहा है, जिससे बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। सरपंच रूप कुमारी ने बताया कि यहां इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा अटलपथ निर्माण के टेंडर हो गए हैं, जिसकी लागत करीब 2.4 करोड़ रुपए आएगी। अटलपथ की लंबाई करीब डेढ़ किलोमीटर और चौड़ाई 22 फुट है। वर्क ऑर्डर जारी हो गए हैं। अगले माह मई में काम प्रारंभ हो जाएगा।