सूरजपोल स्थित कब्रिस्तान की दीवार तोड़कर अवैध निर्माण करने का मामला सामने आया है। इस पर हजरत अजमेरी बेग दरगाह के सचिव शोएब सिंधी का कहना है कि शटर लगाकर दुकान बनाने की अनुमति वक्फ बोर्ड से ली गई है, इसलिए नगर निगम से अलग से स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां लंगर खाना संचालित किया जाता है। चूंकि महिलाएं कब्रिस्तान में नहीं जा सकतीं, इसलिए बाहर से रास्ता निकाला गया है, ताकि वे टिफिन ले जा सकें। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने कहा कि निगम की स्वीकृति के बिना किया गया कोई भी निर्माण अवैध है। वक्फ बोर्ड की एनओसी केवल मालिकाना सहमति है, इसे निर्माण की कानूनी अनुमति नहीं माना जा सकता। मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दरगाह कमेटी ने पहले दीवार के अंदर तीन शटर लगाए, फिर पिछले सात दिनों में दो बार दीवार तोड़कर उन्हें सीधे मुख्य सड़क की ओर खोल दिया। खास बात यह है कि इस निर्माण की जानकारी निगम को भी नहीं है और इसके लिए कोई अनुमति भी नहीं ली गई। वहीं, कमेटी का कहना है कि निगम से स्वीकृति लेना जरूरी नहीं है। मुख्य सड़क की ओर खुले शटर, लंगरखाना का बोर्ड लगाया सूरजपोल में हजरत अजमेरी बेग की दरगाह के पीछे कब्रिस्तान स्थित है, जिसकी जमीन सिंधी धर्मशाला तक फैली हुई है। गत 23 और 28 जून को धर्मशाला के पास कब्रिस्तान की दीवार के कुछ हिस्से तोड़ दिए गए। इससे पहले अंदर तीन शटर लगाए गए थे। दीवार टूटने के बाद ये शटर सीधे मुख्य सड़क की ओर खुल गए। यहां लंगरखाना का बोर्ड लगाया गया है, जबकि इस निर्माण के लिए नगर निगम से कोई अनुमति नहीं ली गई। इधर, पिछोला किनारे 2 मकानों में अवैध मंजिलों की छतें तोड़ीं पिछोला के किनारे नागा नगरी में बिना अनुमति के दो मकानों पर अवैध तरीके से मंजिलें खड़ी कर दी गई। मंगलवार को निगम ने एक मकान की दो और दूसरे मकान से 3 मंजिलों की छत तोड़ दी। इन मंजिलों को सीज भी कर दिया। आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि नागा नगरी क्षेत्र में अब्दुल रशीद ने अवैध तरीके से पहली मंजिल पर 3 और मंजिल खड़ी कर दी। ग्राउंड फ्लोर पर बिना अनुमति के दुकान में व्यवसायिक गतिविधियां की जा रही थी। इसी तरह नागा नगरी निवासी आसिफ खान ने पहली मंजिल के ऊपर दो मंजिलें बना दीं। इसकी शिकायत निगम में पहुंची। निगम ने दोनों मकान मालिकों को गत 13 जून को नोटिस जारी कर निर्माण स्वीकृति और अन्य दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए। दोनों की ओर से कोई जवाब पेश नहीं किया गया। सुबह 10:30 बजे निगम टीम मौके पर पहुंची। फिर दोनों मकानों की अवैध मंजिलों की छतों को पंक्चर कर दिया गया।