बुडाना गांव के स्वतंत्रता सैनानी बालाराम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के एक व्याख्याता के खिलाफ छात्राओं के नाम से की गई कथित झूठी शिकायत को लेकर ग्रामीणों में पनपा आक्रोश बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार सुबह ग्रामीण स्कूल के मुख्य गेट के सामने एकत्रित हुए और ताला लगा दिया। नाराजगी इतनी थी कि शिक्षकों और विद्यार्थियों को भी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। ग्रामीणों ने स्कूल की इज्जत पर हमला बर्दाश्त नहीं के नारे लगाए और प्रशासन से पूछा कि छात्राओं के नाम का दुरुपयोग किसने किया। यह मामला अब केवल शिकायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्कूल की साख और ग्रामीणों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बन गया। उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी रिपोर्ट : मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों की भावना को समझा जा रहा है और स्कूल की गरिमा सबसे जरूरी है। सभी बिंदु नोट कर लिए गए हैं। मांगों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें उच्च अधिकारियों को भेजा जा रहा है और जांच रिपोर्ट के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सूचना पर सीडीईओ अशोक कुमार शर्मा, सीबीईओ रामकिशन यादव और बगड़ थाने के एएसआई नेमीचंद पुलिस जाब्ते के साथ पहुंचे। करीब चार घंटे चली वार्ता का पहला दौर असफल रहा। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। बाद में प्रशासन ने कई दौर की समझाइश की। लंबी बातचीत के बाद कुछ मांगों पर सहमति बनी और पुलिस की मौजूदगी में दोपहर बाद स्कूल का ताला खोल दिया गया। ग्रामीणों की मांग है कि जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द आए और शिकायतकर्ता का नाम सार्वजनिक किया जाए। तीन दिन से आंदोलन कर रहे हैं ग्रामीण: इस मामले को लेकर ग्रामीण तीन दिन से आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद स्कूल के सामने धरना देकर शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मंगलवार को लगे ग्रामीण सेवा शिविर का बहिष्कार कर दिया। शिविर में एक भी ग्रामीण नहीं पहुंचा। बुधवार को ग्रामीणों ने स्कूल पर तालाबंदी कर दी। ग्रामीणों ने ऐलान कर दिया है कि जब तक झूठी शिकायतकर्ता का नाम सार्वजनिक नहीं होता और एपीओ व्याख्याता को बहाल नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।