राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) के सीनियर सेकंडरी और स्नातक स्तर, दोनों में इस बार भी नॉर्मलाइजेशन लागू होगा। अलग-अलग शिफ्टों के प्रश्न पत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर को संतुलित करने के लिए अंकों का नॉर्मलाइजेशन कर अंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। दोनों परीक्षाओं में 40 लाख से अधिक आवेदन आए हैं। सीईटी सीनियर सेकंडरी स्तर की परीक्षा 1 से 3 दिसंबर 2026 तक प्रस्तावित है। तीन दिन में छह शिफ्ट में परीक्षा होगी। इसके लिए 23.56 लाख आवेदन आए, हालांकि करीब 12 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन वापस ले लिए हैं। स्नातक स्तर की परीक्षा जनवरी 2027 में प्रस्तावित है, जिसके लिए करीब 17.15 लाख आवेदन आए हैं। सीईटी सीनियर सेकंडरी स्तर के आधार पर 14 सेवाओं की भर्तियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इनमें वनपाल, पुलिस कांस्टेबल, जमादार ग्रेड-द्वितीय, छात्रावास अधीक्षक, लिपिक ग्रेड-द्वितीय और कनिष्ठ सहायक के पद शामिल हैं। स्नातक स्तर की सीईटी से 12 सेवाओं की भर्तियों का रास्ता खुलेगा। इनमें पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ), कनिष्ठ लेखाकार, तहसील राजस्व लेखाकार, प्लाटून कमांडर, उप-जेलर और पर्यवेक्षक जैसे पद प्रमुख हैं। गलत जवाब पर एक-तिहाई अंक कटेंगे नॉर्मलाइजेशन से अलग-अलग शिफ्टों के अंकों को तुलनीय स्तर पर लाया जाएगा। गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक काटे जाएंगे। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 40% और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 35% अंक प्राप्त करने होंगे। सीईटी का स्कोर तीन वर्ष तक मान्य रहेगा।