प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) लहसोड़ा में चिकित्सा प्रभारी का पद पिछले दो माह से रिक्त है। इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। वर्तमान में पीएचसी की व्यवस्था नर्सिंग ऑफिसर के भरोसे संचालित हो रही है। इससे मरीजों को समय पर समुचित उपचार और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस समस्या को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जल्द से जल्द स्थायी एमओआईसी की नियुक्ति की मांग की है। ग्रामीण मनीष यादव, हेमराज ने बताया कि एमओआईसी का पद खाली होने से अस्पताल के प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। मरीजों को इलाज के लिए अनावश्यक इंतजार करना पड़ रहा है। कई मामलों में उन्हें अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। पीएचसी पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण मरीजों को 25 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर जिला अस्पताल जाना मजबूरी है। डॉक्टर की अनुपलब्धता का सबसे अधिक असर गरीब और दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने उल्लेख किया है कि लंबे समय से पद रिक्त होने के कारण स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं कमजोर हो गई हैं। नर्सिंग ऑफिसर की भी लापरवाही नजर आ रही है। चिकित्सा प्रभारी के अभाव में कई महत्वपूर्ण निर्णय और प्रशासनिक कार्य लंबित हैं। इससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में कठिनाई आ रही है। ग्रामीणों में आक्रोश ग्रामीणों ने जनहित का हवाला देते हुए सीएमएचओ से मांग की है कि पीएचसी लहसोड़ा में रिक्त एमओआईसी पद पर शीघ्र स्थायी नियुक्ति की जाए। इससे अस्पताल की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी। क्षेत्र की जनता को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।