श्रीगंगानगर| राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम में निजी अस्पतालों द्वारा इलाज से इनकार करने के विरोध में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने गुरुवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा ने किया। महासंघ का आरोप है कि निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा योजना के तहत इलाज बंद करने से प्रदेश के लाखों कर्मचारी और पेंशनर प्रभावित हुए हैं। अब तक उन्हें इलाज के लिए करीब 200 करोड़ रुपए अपनी जेब से खर्च करने पड़े हैं। महासंघ ने इसे कर्मचारियों का आर्थिक शोषण बताया है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई कर्मचारी और उनके परिजन आर्थिक अभाव में इलाज कराने को मजबूर हैं। शर्मा ने मांग की कि कर्मचारियों द्वारा खर्च की गई राशि का शीघ्र पुनर्भरण किया जाए।