गांव में आयोजित तीन दिवसीय श्री बालाजी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शनिवार को विधि-विधान के साथ संपन्न हो गया। अंतिम दिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री बालाजी महाराज एवं खेड़ापति बालाजी महाराज की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद प्रसादी का वितरण किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के तहत सुबह हवन की पूर्णाहुति हुई। इसके बाद आचार्य गोविंद प्रसाद ने मंत्रोच्चार के साथ वैदिक रीति-रिवाज से मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई। यज्ञ कुंड में आहुतियां दी गईं। क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई। इसके बाद मंदिर में स्थापित मूर्तियों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महोत्सव के पहले दिन 9 जुलाई को जल यात्रा एवं हनुमानजी की शोभायात्रा निकाली गई। इसने पूरे गांव की नगर परिक्रमा की। दूसरे दिन 10 जुलाई को जलाभिषेक, पूजन एवं हवन का आयोजन हुआ। तीसरे एवं अंतिम दिन शनिवार को हवन की पूर्णाहुति, मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा और रात्रि में जागरण का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर निर्माण एवं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को सफल बनाने में गांव के युवाओं और ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा। पूरे आयोजन में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।