80 फीट गहरे कुएं से नवजात बच्ची मिली है। अपनी जान जोखिम में डालकर एक युवक रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लाया। आशंका जताई जा रही है कि बच्ची को मारने की नीयत से फेंका गया था। यह मामला खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा कस्बे के वार्ड नंबर-13 का है। कुएं से आ रही थी सिसकियों की आवाज, झांका तो दंग रह गए मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे पालपुर रोड से गुजर रहे एक राहगीर को कुएं के अंदर से किसी के रोने की आवाज सुनाई दी। उसने कुएं में झांककर देखा तो सन्न रह गया। 80 फीट नीचे जमीन पर हॉस्पिटल के हरे कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची हाथ-पैर मार रही थी। राहगीर के शोर मचाने पर वहां भीड़ जमा हो गई। गमछे में बांधकर कुएं से सुरक्षित निकला युवक मासूम की जान बचाने के लिए गांव का ही एक युवक फौरन आगे आया। ग्रामीणों ने आनन-फानन में रस्सी मंगवाई। युवक अपनी जान की परवाह किए बिना 80 फीट गहरे सूखे कुएं में उतरा। नीचे पहुंचते ही उसने आवाज दी- बच्ची सुरक्षित है। यह सुनते ही ऊपर खड़े लोगों की जान में जान आई। युवक ने अपने गले में बंधे गमछे को खोला। उसमें सावधानी से बच्ची को लपेटा और अपने सीने से सटाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लाया। पुलिस जुटी जांच में बच्ची की नाल पर क्लिप लगी हुई थी, जो साफ इशारा कर रही है कि जन्म किसी अस्पताल या नर्सिंग होम में हुआ है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बच्ची को ऊपर से फेंका गया था या कोई नीचे उतरकर उसे छोड़ आया। डॉक्टर्स बोले- बच्ची की हालत स्थिर, तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही तिजारा थाना अधिकारी जयप्रकाश पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बच्ची को तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती कराया। उन्होंने कहा- बच्ची के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं है। वह स्वस्थ है। हम आसपास के अस्पतालों का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं ताकि उन माता-पिता तक पहुंचा जा सके जिन्होंने ऐसी क्रूरता दिखाई है। अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। … ये खबरें भी पढ़िए… मुंह में पत्थर ठूंसकर बच्चे को जंगल में फेंका, रोने की आवाज नहीं आए, इसलिए फेवीक्विक लगाया भीलवाड़ा में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। 15 दिन के मासूम को जंगल में फेंक दिया। रोने की आवाज न आए, इसलिए उसके मुंह में पत्थर ठूंसकर फेवीक्विक से चिपका दिया। मवेशी चराने वाले की नजर बच्चे पर पड़ी तो उसके होश उड़ गए। (पढ़ें पूरी खबर) एक दिन का बच्चा कंटीली झाड़ियों में फेंक गए, गुजर रहे ग्रामीणों ने रोने की आवाज सुनी तो संभाला भीलवाड़ा में सड़क के पास कंटीली झाड़ियों में परिजन कुछ घंटे पहले जन्मा नवजात फेंक गए। वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने बच्चे की रोने की आवाज सुनी तो सड़क और बगीचे के बीच बनी खाई में कंटीली झाड़ियों में एक कपड़े में लिपटा नवजात रो रहा था। ग्रामीणों ने उसे गोद में उठाया और अपने गांव भोजपुरा ले गए। (पढ़ें पूरी खबर)