टोंक में डीएसटी टीम ने ऑपरेशन हंटर के तहत साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए 90 लाख रुपए के फ्रॉड का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मोबाइल पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे और 100 से ज्यादा फर्जी सिम का इस्तेमाल करते थे। कार्रवाई पुरानी टोंक थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से पासबुक, एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, कई मोबाइल, साथ ही दो महंगी पावर बाइक यामाहा R-15 और अपाचे आरटीआर भी जब्त की है। इन आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध एनसीआरपी पोर्टल पर करीब 21 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज है। पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर और पूछताछ करेंगी, इनसे और मामले खुलने की संभावना है। DST प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई SP राजेश कुमार मीना, ASP रतन लाल भार्गव के निर्देशन में, टोंक डीएसपी मृत्युज्य मिश्रा के सुपरविजन में DST टीम द्वारा पुलिस मुख्यालय द्वारा साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन हंटर के तहत देर रात पुलिस थाना पुरानी टोंक क्षेत्र में की है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध पुलिस थाना पुरानी टोंक पर साइबर अपराध की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जाकर गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ जारी है साथ ही साइबर नेटवर्क की गहनता से जांच भी की जा रही है। आरोपियों के कब्जे से कई पासबुक, एटीएम कार्ड दोनों आरोपियों के मोबाइल फोनों की जांच में अभी तक आरोपियों द्वारा करीब 100 से अधिक फर्जी सीम का उपयोग करना पाया गया है जो की अलग-अलग नाम से सिम जारी करा कर साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे। दोनों ही आरोपी काफी लंबे समय से फर्जी ट्रेड लिक, सेक्सटॉर्शन, फर्जी बीमा कंपनियां के माध्यम से टेलीग्राम व व्हाट्सएप "एप" से लिंक भेज कर आम जनता को मोटी रकम का लालच देकर साइबर फ्रॉड करते आ रहे थे। इन साइबर ठगों को किया गिरफ्तार डीएसपी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि टीम ने उनियारा थाना क्षेत्र के चतरपुरा निवासी नमोनारायण उर्फ नमो (19) पुत्र रामफूल मीणा और बनेठा थाना क्षेत्र के खोहल्या निवासी आकाश (20) पुत्र रामेश्वर मीणा को गिरफ्तार किया है।