ऑटो, ई-रिक्शा और एंबुलेंस जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट और आपातकालीन सेवा से जुड़े ड्राइवर बीमार हैं। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर टोंक में 100 से ज्यादा ड्राइवरों का फ्री चेकअप हुआ। इनमें से 50 से ज्यादा ड्राइवर ऐसे थे जिन्हें बीपी (ब्लड प्रेशर) या सांस की बीमारी निकली। 108 एम्बुलेंस सेवा के जिला कार्यक्रम प्रबंधक और आपातकालीन प्रबंधन कार्यकारी राजकुमार सिंह चौहान ने बताया- इस तरह के शिविर से ड्राइवरों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। ड्राइवर अपनी बीमारियों को लेकर सचेत रहेंगे और वे समय पर बेहतर इलाज करा सकेंगे। राज्यभर में लगे फ्री कैंप राजकुमार सिंह चौहान ने बताया- ड्राइवरों के लिए ये कैंप राज्यभर में फ्री लगाए गए। टोंक जिले में चार जगह (टोंक शहर, देवली, मालपुरा, गुंसी) में कैंप लगाए गए। इनमें करीब 125 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं (108) का संचालन करने वाले ड्राइवर,ऑटो चालकों, ई रिक्शा चालकों का प्राइमरी स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से करीब 50 ड्राइवरों के बीपी, सांस आदि की बीमारी होना सामने आया। इन्हें स्पेशलिस्ट डॉक्टर से स्वास्थ्य लाभ लेने की सलाह दी गई। 'पहले कभी नहीं हुई हेल्थ जांच' 108 एम्बुलेंस के ड्राइवर जमील ने बताया- ड्राइवरों की दैनिक जिंदगी जोखिम भरी होती है। उन पर यात्रियों की जान की भी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में यह कैंप बहुत महत्वपूर्ण है। ज्यादातर ड्राइवरों ने पहले कभी जांच नहीं कराई थी। कई ड्राइवरों में बीपी-शुगर की बीमारी निकली। उन्हें बड़े अस्पताल में दिखाने की सलाह दी गई। जमील ने बताया- ड्राइवरों की अनियमित दिनचर्या, तनावपूर्ण कार्य परिस्थितियां और सीमित स्वास्थ्य सेवाओं के चलते उन्हें अधिक जोखिम में डालती हैं, जबकि वे परिवहन व्यवस्था का एक अहम हिस्सा हैं। इस पहल से चालकों में नियमित स्वास्थ्य जांच और निवारक देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। रामाज रिसोर्ट में भी फ्री आई चेकअप रोड सेफ्टी लाइन एवं सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ, परिवहन आयुक्त, राजस्थान, जयपुर की ओर से 88वां फ्री आई चेकअप और फ्री चशमा वितरण शिविर टोंक रोड (चाकसू निवाई) के पास रामाज रिसॉर्ट में लगाया गया। कैंप में 101 ड्राइवरों की आंखें चेक की गई। कमजोर नजर वाले 63 ड्राइवरों को चश्मे-दवाएं दी गईं। शिविर की तकनीकी टीम में जसविंदर, अनंत लकोटिया शामिल थे। रिसॉर्ट के मालिक मोहित टेलर ने कैंप के लिए बैंक्वेट हॉल फ्री दिया। सचिव प्रताप भाटिया ने बताया- सभी ड्राइवरों को बेसिक रोड सेफ़्टी के बारे में बताया गया। अपनी लाइन में गाड़ी चलाने, नशे में गाड़ी नहीं चलाने को लेकर समझाया गया। इस शिविर में आरटीओ की भूमिका भी रही।