कस्बे के नगार चौक स्थित हनुमान मंदिर में बुधवार को आमेट के हिंगड परिवार ने परंपरागत ध्वजा चढ़ाने का आयोजन किया। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। माहौल भक्तिमय रहा। हिंगड परिवार के सदस्यों ने बताया कि 1996 में रोकड़िया हनुमान धाम के स्वामी नारायणदास महाराज के सानिध्य में आमेट निवासी रोशनलाल हिंगड और लाभचंद हिंगड परिवार ने मंदिर का निर्माण कराया था। तभी से हर साल आषाढ़ शुक्ल एकम पर मंदिर में ध्वजा चढ़ाई जाती है। बुधवार को होली चौक स्थित सुंदरलाल वडाला के घर से ध्वजा, धूप-दीप, अगरबत्ती, चूरमे के प्रसाद का थाल गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा के रूप में रवाना हुआ। महिलाएं मंगल गीत गाती हुई मंदिर पहुंचीं। मंदिर में पुजारी सत्यनारायण वैष्णव ने विधि-विधान से पूजा कर थाल को हनुमानजी के सामने अर्पित कराया। इसके बाद ध्वजा पहले चारभुजानाथ के चरणों में समर्पित की गई। फिर हनुमान मंदिर लाकर चूरमे का भोग लगाया गया। इसके बाद मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के बाद श्रद्धालुओं ने मंगल गीत गाए। सभी भक्तों में चूरमे का प्रसाद बांटा गया। नरेंद्र हिंगड, सुनील हिंगड, संदीप हिंगड, प्रकाश टेलर, गिरधारीलाल सेवक, श्यामलाल टेलर, जीवन टेलर, गिरीश दवे, मांगीदास वैष्णव, रामचंद्र गुर्जर सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।