टोंक | मानव-वन्यजीव संघर्ष विषय पर आयोजित 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन गुरुवार को एडीआर सेंटर, टोंक में हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक के सचिव (एडीजे) दिनेश कुमार जलुथरिया की कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य प्रभावित व्यक्तियों तक विधिक सहायता, मुआवजा एवं राहत योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष योजना के फोकस क्षेत्रों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रभावित क्षेत्रों की पहचान, संवेदनशील समुदायों की भूमिका तथा योजना के उद्देश्यों पर विशेष प्रकाश डाला गया। साथ ही सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने, जागरूकता प्रसार और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया। ट्रेनर एडवोकेट व चीफ एलएडीसीएस रमेश शर्मा ने प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर समुदाय से समन्वय स्थापित करने, प्रभावी जागरूकता गतिविधियां संचालित करने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण के व्यावहारिक तरीके बताए। सचिव जलुथरिया ने पीपलू क्षेत्र में जंगली जानवर के हमले की हालिया घटना, जिसमें 17 भेड़ों की मौत हुई थी, पर संज्ञान लेते हुए वन विभाग से प्रगति रिपोर्ट तलब की। साथ ही प्रभावितों को शीघ्र क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।