झीलों की नगरी उदयपुर की प्रमुख झीलों को स्वच्छ, जीवंत और दीर्घकाल तक संरक्षित रखने की दिशा में यूडीए (उदयपुर विकास प्राधिकरण) ने बड़ी पहल की है। फतहसागर, उदयसागर और लखावली झील में फ्लोटिंग असेंबली सहित इंटीग्रेटेड लेक वाटर सर्कुलेशन सिस्टम स्थापित करने के लिए 3 करोड़ 57 लाख 91 हजार रुपए का ओपन टेंडर जारी किया गया है। परियोजना का उद्देश्य झीलों में जल प्रवाह को बेहतर बनाना, पानी की गुणवत्ता सुधारना और दीर्घकालीन जल संरक्षण को मजबूत करना है। परियोजना पूरी होने के बाद तीनों झीलों में जल परिसंचरण बेहतर होगा, जिससे पानी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी। शहर की झीलों में जल संरक्षण के लिहाज से यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्योंकि, झीलों में पानी की गुणवत्ता बनाए रखना लगातार बड़ी चुनौती रहा है। वाटर सर्कुलेशन सिस्टम के जरिये पानी में घुलित ऑक्सीजन (डिसॉल्व्ड ऑक्सीजन) का स्तर बढ़ेगा, जिससे जल का प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी। सिस्टम बनाता है अनुकूल वातावरण....वाटर सर्कुलेशन सिटम से बेहतर जल गुणवत्ता से मछलियों, प्लवक, जलीय पौधों और अन्य जीवों के लिए अनुकूल वातावरण बना रहता है, जिससे पूरी झील का पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ रहता है। पिछोला-फतहसागर में पहले से संचालित, पर्यटकों के लिए भी आकर्षण शहर की पिछोला और फतहसागर झील में पहले से वाटर सर्कुलेशन सिस्टम संचालित हैं। इन्हें प्रतिदिन शाम के समय चलाया जाता है और यह पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस प्रणाली में फव्वारों के माध्यम से पानी को ऊंचाई तक छोड़ा जाता है, जिससे पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। इससे झील का पानी अपेक्षाकृत स्वच्छ बना रहता है और जलीय जीवों, विशेषकर मछलियों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती रहती है। खराब मौसम या लंबे समय तक जल ठहराव की स्थिति में ऑक्सीजन की कमी से मछलियों के मरने की घटनाएं भी इस तकनीक से कम हो सकती हैं। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा, एजेंसी को 270 दिन में पूरा करना होगा काम