उदयपुर रेंज पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम और सड़क सुरक्षा व ट्रैफिक मैनेजमेंट पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मुख्य अतिथि उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव ने कहा- जिस तरह हमने कोरोना महामारी में लाइफ स्टाइल को बदला और जागरूकता का परिचय दिया। उसी तरह साइबर अपराध और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता ही बचाव है। उदयपुर रेंज पुलिस और यूनिसेफ राजस्थान की ओर से हुई गुरुवार को पुलिस लाइन में हुई कार्यशाला में उन्होंने यह कहा। आईजी गौरव श्रीवास्तव ने कहा- वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए आमजन को सतर्क और जागरूक रहना जरूरी है। उन्होंने ‘साइबर शील्ड' अभियान से डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी से बचाव एवं सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की जानकारी दी। साथ ही 'जीवन रक्षा अभियान' के अंतर्गत सड़क सुरक्षा नियमों की पालना, हेलमेट व सीट बेल्ट लगाने और ओवरस्पीडिंग से बचाव पर विशेष जोर दिया। आईजी ने आमजन से आह्वान किया कि नियमों का पालन पुलिस से बचाव के लिए नहीं, बल्कि खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी है। खुद के साथ दूसरों को भी करें जागरूक: एएसपी रत्नू कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ASP हर्ष रत्नू ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। यूनिसेफ की राज्य बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने साइबर शील्ड और जीवन रक्षा अभियान के बारे में बताया। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने अभियान के तहत तैयार किए लिंक को भरते हुए साइबर अपराधों की रोकथाम का संकल्प लिया। उन्होंने इस लिंक में तैयार क्विज और इस क्विज को पूरा करके मिलने वाले प्रमाण पत्र के बारे में बताया। कार्यक्रम में राजसमंद एएसपी रजत विश्नोई, सलूंबर एएसपी रतन चावला, बांसवाड़ा एएसपी गोविंद सिंह, प्रतापगढ़ एससपी बलवीर सिंह, चितौड़गढ़ डीएसपी शिवप्रकाश, उदयपुर डीएसपी विनय चौधरी मौजूद रहे।