उदयपुर जिले के सायरा में बुजुर्ग की हत्या कर दी गई। खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। रावो का सायरा गांव में मोहनलाल (60) पिता खमाणा मेघवाल का खेत में सोमवार सुबह शव मिला। इस पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर सायरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने पुलिस को बताया- मोहनलाल रविवार रात को किसी परिचित के साथ घर से निकले थे। उन्होंने कुछ देर में वापस लौट आने के लिए कहा था, लेकिन सुबह उनका शव खेत में पड़ा मिला। शव पर ​हमले और मारपीट के निशान भी मिले हैं। मोहनलाल पेशे से चुनाई मिस्त्री थे। दोपहर बाद, ग्रामीण मुआवजे और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से साफ इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और आर्थिक मुआवजा दिया जाए, इसके लिखित आश्वासन के बाद वे मानेंगे। परिजनों की सहमति नहीं होने से शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। सायरा में परिजनों और ग्रामीणों से पुलिस-प्रशासन के अधिकारी समझाइश कर रहे हैं। सायरा थानाधिकारी कानाराम सिरवी ने बताया- शुरुआती जांच में सामने आया है कि मोहनलाल की हत्या बेहद बेरहमी से की गई है। उनके गले, सिर और मुंह पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन पर नुकीले हथियार या पत्थरों से ताबड़तोड़ वार किए गए। पुलिस ने एफएसएल (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीम को भी मौके पर बुलाया, ताकि मौके से अहम सबूत जुटाए जा सकें। परिचित के साथ निकला था, सुबह मिला शव परिजनों ने बताया- मोहनलाल को रविवार शाम को एक परिचित व्यक्ति साथ ले गया था। जब वे देर रात तक नहीं लौटे, तो घरवालों ने उनकी तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चला। मोहनलाल को शराब की आदत थी, इसलिए परिवार को लगा कि शायद वे नशे की हालत में कहीं सो गए होंगे। ग्रामीण सोमवार सुबह जब खेतों की तरफ गए, तो वहां मोहनलाल का शव देखा। ग्रामीणों में भारी आक्रोश घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करने लगे। ग्रामीणों ने कहा- मोहनलाल की किसी से रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। वे शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और आसपास के गांवों में ही मजदूरी का काम करते थे। पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस उन संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है, जिनके साथ मोहनलाल को आखिरी बार देखा गया था। इनपुट - गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा