उदयपुर में चिलचिताती धूप और 43 डिग्री टेम्प्रेचर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज गर्मी के कारण आंखों में ड्राईनेस, जलन और एलर्जी की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। इसका असर सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में साफ नजर आ रहा है, जहां मरीजों की संख्या अचानक डबल हो गई है। संभाग के सबसे बड़े एमबी हॉस्पिटल में ओपीडी का आंकड़ा करीब 200 पहुंच गया है। डॉक्टरों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में आंखों की एलर्जी और ड्राईनेस के मामलों में लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रोजाना 80 से 100 मरीज आंखों से जुड़ी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। गाड़ी चलाते समय चश्मा लगाएं सहायक आचार्य डॉ अनुश्री शर्मा ने बताया कि इस समय दो सबसे बड़े कारण सामने आ रहे हैं। पहला, भीषण गर्मी से बचने के लिए लोग लगातार एसी (एयर कंडीशनर) में रह रहे हैं। एसी की ठंडी हवा आंखों की नमी को सोख लेती है, जिससे आंखों में सूखापन आने लगता है। दूसरा, शहर में गर्म हवाएं और लू भी चल रही है, ऐसे में टू-व्हीलर चलाने वाले लोग जब बिना चश्मे के बाहर निकलते हैं, तो गर्म हवा सीधे आंखों से टकराती है, जिससे जलन और ड्राई की समस्या होने लगती है। डॉ. शर्मा ने बताया कि इन दिनों अस्पताल में बच्चों के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। गर्मी की छुट्टियों के कारण बच्चे अधिक समय मोबाइल, टीवी और अन्य गैजेट्स पर बिता रहे हैं, जिससे उनकी आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सर्दियों की तुलना में इन दिनों आंखों की सर्जरी कम हो रही हैं, क्योंकि लोग गर्मी के मौसम में ऑपरेशन टालना पसंद कर रहे हैं। डॉक्टरों शर्मा ने ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि आंखों में ज्यादा परेशानी होने पर घरेलू उपायों के बजाय तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।