विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि उदयपुर पुलिस बताए कि भाजपा नेता को ब्लैकमेल करने के मामले ‘उदयपुर फाइल्स’ में जिस एक ​व्यक्ति का जिक्र कोर्ट में किया है, वह कौन है। आखिर पुलिस जांच क्या कर रही है। जूली ने कहा कि भाजपा के लोग दिल्ली में तो महिला सुरक्षा की बात करते है। यहां (उदयपुर) आपकी महिला पदाधिकारी सुरक्षित नहीं है तो दूसरों की क्या बात करेंगे। जूली ने आज शाम को उदयपुर सर्किट हाउस में प्रेस कान्फ्रेंस में ये बात कही। जूली ने कहा कि इस बहु​चर्चित मामले की चार्जशीट पेश हो गई है। चार्जशीट में लिखा गया है कि जो वीडियो है, वो AI से नहीं बनाया गया है। उसमें एक व्यक्ति का जिक्र भी किया गया है। उस व्यक्ति का नाम नहीं बताया, फिर पुलिस क्या जांच कर रही है। जूली ने सवाल किया कि वो कौन बीजेपी का नेता है जिसे बचाना चाहते है। मैं जांच एजेसिंयों की गड़बड़ियों पर बोला था जूली में मामले में जयपुर में खुलासा करने की बात कही थी। इस पर जूली ने कहा कि एक गरिमा है?,मैंने तो अपना काम कर दिया। इस पर सवाल मैंने उठाए है, पुलिस की कार्यशैली पर मैंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खुलासा करने का काम तो पुलिस का है। जांच एजेसिंयों ने जो गड़बड़ियां की, उस पर मैं बोला हूं। नाम तो पुलिस उजागर करें। जूली ने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट दर्ज होती है और रातों-रात आरोपी को घर से उठाकर लाते है। कौन बीजेपी के नेता थे, जो पुलिस के साथ गए। दरवाजे तोड़कर आरोपी को लाते है। रातों-रात जांच बदल जाती है। जयपुर में पता नहीं और दिल्ली से सब कुछ हो जाता है। रिफाइनरी की जांच कौन कर रहा है, किसी को नहीं पता जूली ने कहा कि नगर निकाय और पंचायतराज के चुनाव नहीं करवा रहे है क्योंकि चुनाव में भाजपा हारेगी और हारेगी तो सीएम की कुर्सी जाएगी, इसलिए चुनाव नहीं करवा रहे है। रिफाईनरी में आग लगने की घटना पर जूली ने बोला कि मोदी के आने से पहले आग लग गई, जब से ये सरकार आई है। तब से आग की घटनाएं आम हो गई है। कभी बस में, कभी कार में, कभी अस्पताल में आग लग जाती है। ये सरकार आई तब से आग ही लग रही है। रिफाइनरी की जांच कौन कर रहा है किसी को नहीं पता। जूली बोले-शिक्षामंत्री तो अजीब है.. शिक्षा को लेकर जूली ले कहा कि ड्राफ्ट आउट बढ़ता जा रहा है और यह चिंता का विषय है। जब झालावाड़ स्कूल हादसा हुआ तब सरकार ने जांच कराने की बात की। जर्जर घोषित स्कूलों को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन स्कूलों में बच्चों और शिक्षा की क्या स्थिति है, इस पर कोई ध्यान नहीं ​है। डेढ़ लाख पद तो आज की तारीख में भी खाली है। शिक्षामंत्री तो अजीब है, दिन भर नाम बदलने में लगे रहते है, नाम भी खुद सुझा रहे है। गांव, शहरों के बाद अब बच्चां के नाम बदल रहे है। बच्चों की स्कूटी, ड्रेस, साइकिल समय पर नहीं मिल रही है। कल लसाड़िया परिवारों के बीच जाऊंगा सलूंबर जिले के लसाड़िया में बच्चों की मौत को लेकर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि वहां के दौरें के लिए ही आया हूं। शनिवार को उस क्षेत्र में दौरा कर मृत बच्चों के परिवारों और ग्रामीणों मिलकर बात करुंगा। इस मामले में भारत सरकार से और जयपुर से टीमें यहां आकर इस केस को देखना चाहिए था। ये खबर भी पढ़े.. बीजेपी की महिला नेता के कथित वीडियो-कांड में चार्जशीट पेश:मेमोरी कार्ड में मिली 20 से ज्यादा क्लिप; जासूसी कैमरा बेचने वाले को बनाया गवाह उदयपुर फाइल्स पर 44 दिन बाद चार्जशीट पेश:पुलिस ने हिडन कैमरा लगी डिजिटल घड़ी बरामद की, एआई जेनरेटेड वीडियो के नहीं मिले सबूत टीकाराम जूली बोले-मेरे पास आने वाली है 'उदयपुर फाइल्स':दावा- भाजपा का बड़ा मामला उजागर होगा, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल