उदयपुर शहर के स्थापना दिवस के उपलक्ष में आज सुबह शहर में महाराणा उदयसिंह अमर रहे के नारे गूंजे। शहर के उदयापोल स्थित उदयसिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी गई। इस कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजन शामिल हुए। बतादें, 19 अप्रैल अक्षय तृतीया पर उदयपुर स्थापना दिवस था, लेकिन नगर निगम की ओर से बजट पास न होने के चलते कार्यक्रम नहीं हुए। इसलिए सामाजिक संस्थाओं की ओर से आज ये कार्यक्रम मनाया जा रहा है। लोकजन सेवा संस्थान की ओर से उदयपुर स्थापना दिवस समारोह के तहत सोमवार सुबह 8 बजे उदियापोल स्थित महाराणा उदय सिंह की आदमकद प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में सबसे पहले प्रतिमा को पंचगव्य स्नान कर मौजूदजनों ने एक-एक कर पुष्पांजलि देते हुए उनको नमन किया। संस्थान के अध्यक्ष प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया पुष्पांजलि अर्पित करने वाले वक्ताओं ने बाद में संबोधित करते हुए उदय सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला और उनके कार्यों को याद किया। उदयसिंह के जीवन काल की बातें रखते हुए वक्ताओं ने कहा कि उस समय करीब 3000 छोटे तल तलैया थे। उन्होंने जल प्रबंधन को लेकर बहुत काम किया और वे काम आज भी हमारे सामने हैं। महासचिव जय किशन चौबे ने बताया कि पूर्व में उदयपुर नगर निगम के आर्थिक सहयोग से होनी वाली विभिन्न प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक संध्या व कवि सम्मेलन रद्द है क्योंकि सन 2023 में स्वीकृत पारितोषिक अभी तक विजेताओं को नहीं दिया गया है। कायर्क्रम में प्रोफेसर उमाशंकर शर्मा, इतिहासकार डा. श्रीकृष्ण जुगनू, महासचिव जय किशन चौहान, प्रोफेसर गोविंद भारद्वाज, डॉ राजेंद्र पुरोहित, कैप्टन गजेंद्र सिंह, आचार्य डॉ रमाकांत, प्रकाश अग्रवाल, ओम राठौड़, मनीष गोलेछा, गोविंद शर्मा आदि ने अपनी बात रखी। पाथेय संस्थान का कवि सम्मेलन
इधर, पाथेय संस्थान द्वारा अशोक नगर स्थित विज्ञान भवन में एक दिन पहले कवि सम्मेलन व पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित हुआ। स्थापना दिवस पर हुए आयोजन में जोधपुर के साहित्यकार दिनेश जिंदल मुख्य अतिथि और हास्य कवि सिद्धेश्वर सिद्धू विशिष्ट अतिथि रहे। प्रदेशभर के कवियों ने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इस दौरान मधु अग्रवाल पर आधारित अनुकृति विशेषांक का विमोचन हुआ। डॉ. सी.पी. अग्रवाल ने संस्था की साहित्यिक भूमिका बताई। संचालन किरण बाला ‘किरण’ ने किया। बजट नहीं दिया तो इस बार कवि सम्मेलन-सांस्कृतिक संध्या रद्द उदयपुर के स्थापना दिवस को लेकर हर बार होने वाले कार्यक्रम नहीं हुए। बजट की कमी और पुराने बकाया भुगतान न होने के विरोध में लोकजन सेवा संस्थान ने सांस्कृतिक संध्या और कवि सम्मेलन सहित अन्य सभी मुख्य कार्यक्रमों को रद्द कर दिया संस्थान के महासचिव जय किशन चौबे ने स्पष्ट किया कि नगर निगम के आर्थिक सहयोग से होने वाले बड़े आयोजन इस बार नहीं हुए। मुख्य कारण साल 2023 के कार्यक्रमों की स्वीकृत पारितोषिक राशि का अब तक न मिलना है। पिछले साल की प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण में हो रही देरी और पुराने बकाया के चलते संस्थान ने इस वर्ष प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक संध्या और कवि सम्मेलन को रोकने का कड़ा निर्णय लिया है।