उदयपुर के उपली बड़ी क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में आखिरकार लेपर्ड कैद हो गया। लेपर्ड को रेस्क्यू कर सज्जनगढ़ अभयारण्य शिफ्ट किया गया। बता दें कि लेपर्ड के कारण पिछले 5 दिनों से ग्रामीणों में डर था। लेपर्ड ने एक महिला पर भी हमला कर लहूलुहान कर दिया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। हालांकि अब भी दहशत कम नहीं हुई है, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने अब भी लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। खासकर जंगल से सटे आबादी वाले इलाकों में रात के समय अकेले बाहर न निकलें और सावधानी बरतें। महिला का चेहरा और गर्दन पर मारा था झपट्‌टा लेपर्ड ने 5 दिन पहले गमेती बस्ती निवासी भूरी बाई (52) पत्नी बंशीलाल गमेती रात को अपने कच्चे घर से बाहर आंगन की ओर निकली थी। इस दौरान अंधेरे में घात लगाए बैठे लेपर्ड ने उन पर झपट्टा मार दिया। लेपर्ड ने महिला के चेहरे और गर्दन पर हमला करते हुए अपने दांत गड़ा दिए। अचानक हुए हमले के बावजूद महिला ने हिम्मत दिखाते हुए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज सुनकर लेपर्ड घबरा गया और पास के जंगल की ओर भाग गया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन मौत हो गई थी। ग्रामीणों के गुस्से के बाद जागा वन विभाग घटना के बाद से ही बड़ी और आस-पास के इलाकों में दहशत थी। ग्रामीण वन विभाग की सुस्त कार्य प्रणाली से नाराज थे। लोगों का कहना था कि विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। ग्रामीणों के भारी दबाव और विरोध के बाद वन विभाग की टीम ने इलाके में पिंजरा लगाया। शनिवार सुबह जब ग्रामीण खेत और जंगल की तरफ गए, तो उन्हें पिंजरे में लेपर्ड कैद मिला। --- ये खबर भी पढ़िए- महिला पर लेपर्ड ने किया हमला, गंभीर घायल:चेहरे और गर्दन पर दांत गड़ाए, टॉयलेट जाने के लिए निकली थी; शोर मचाने पर भागा