उदयपुर नगर निगम में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कमिश्नर अभिषेक खन्ना अचानक गैराज पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने कबाड़ में पड़ी गाड़ियों को बेचने और जो वाहन ठीक किए जा सकते हैं, उन्हें तुरंत सड़कों पर उतारने के निर्देश दिए। साथ ही लंबे समय से वेतन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को जल्द सैलरी दिलाने का आश्वासन भी दिया, जिससे कर्मचारियों में राहत की उम्मीद जगी है। कमिश्नर के इस तरह बिना बताए पहुंचने से वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने गैराज का कोना-कोना देखा और वहां फैली अव्यवस्थाओं को देखकर काफी नाराजगी जताई। कमिश्नर ने अधिकारियों को दो-टूक कह दिया कि काम करने के तरीके में सुधार लाएं और संसाधनों का सही इस्तेमाल करें। गैराज में खड़ी गाड़ियों और उनके कागजों की हालत देखकर कमिश्नर खुश नजर नहीं आए। उन्होंने रिकॉर्ड की जांच की तो कई कमियां मिली। कमिश्नर ने गुरुवार को निर्देश दिए कि हर गाड़ी का पूरा हिसाब-किताब एक रजिस्टर में अपडेट होना चाहिए। किस गाड़ी की कब सर्विस हुई, कौन सी गाड़ी कहां चल रही है और किसकी हालत कैसी है, इसकी पूरी जानकारी फाइलों में नहीं बल्कि अपडेटेड रिकॉर्ड में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक रिकॉर्ड सही नहीं होगा, तब तक हम गाड़ियों का सही इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। रिपेयर होने वाली गाड़ियों को गैराज में नहीं खड़ी करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान कमिश्नर खन्ना ने देखा कि कई गाड़ियां मामूली खराबी की वजह से गैराज में धूल फांक रही हैं। उन्होंने अधिशासी अभियंता लखन लाल बैरवा को निर्देश दिए कि ऐसी गाड़ियां जिन्हें रिपेयर किया जा सकता है, उन्हें गैराज में खड़ा न रखें। कमिश्नर ने कहा कि इन गाड़ियों को जल्द से जल्द ठीक कराएं, ताकि इन्हें शहर की सफाई और दूसरे जरूरी कामों में लगाया जा सके। गाड़ियां गैराज की शोभा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए है। कमिश्नर ने गैराज में बिखरे पड़े सामान को देखकर लगाई फटकार वहीं, जो गाड़ियां पूरी तरह कबाड़ हो चुकी है और चलने लायक नहीं बची है, उन्हें लेकर भी कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऐसी नाकारा गाड़ियों को चिन्हित करें और इनकी नीलामी की प्रक्रिया तुरंत शुरू करें। इससे गैराज में जगह खाली होगी और कबाड़ बेचने से निगम के खाते में पैसा भी आएगा। कमिश्नर ने गैराज में यहां-वहां बिखरे पड़े सामान को देखकर भी फटकार लगाई और उसे तरतीब से रखने के निर्देश दिए। इस दौरे में एक बड़ी बात कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी सामने आई। कर्मचारियों को जल्द ही सैलरी मिलने का दिया आश्वासन कमिश्नर को पता चला कि गैराज में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों को लंबे समय से सैलरी नहीं मिली है। इस पर उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए लखन लाल बैरवा और अकाउंट ऑफिसर बाबूलाल बंजारा को निर्देश दिए कि सैलरी की फाइल को तुरंत आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि जो लोग दिन-रात काम कर रहे हैं, उन्हें समय पर वेतन मिलना ही चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। फायर स्टेशन के काम की सुस्त रफ्तार को देखकर हुए नाराज कमिश्नर अशोक नगर में बन रहे नए फायर स्टेशन के काम की सुस्त रफ्तार को देखकर भी नाराज हुए। उन्होंने कहा कि काम बहुत धीरे चल रहा है, इसे जल्द से जल्द पूरा करें। शहर की सुरक्षा से जुड़े ऐसे प्रोजेक्ट्स को लटकाना सही नहीं है। इस दौरान उनके साथ मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी और स्वास्थ्य निरीक्षक सुभाष चंद्र शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कमिश्नर ने गैराज को बताया नगर निगम की रीढ़ की हड्डी उन्होंने बताया कि गैराज नगर निगम की रीढ़ की हड्डी है, क्योंकि यहीं से शहर की सफाई और व्यवस्था की गाड़ियां निकलती हैं। हमने आज बारीकी से हर चीज को देखा है। हमारा मकसद है कि जो गाड़ियां ठीक हो सकती हैं, उन्हें तुरंत काम पर लगाया जाए और जो कबाड़ है उसे हटाकर निगम का राजस्व बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सैलरी की समस्या को भी हमने प्राथमिकता पर लिया है और जल्द ही उनका भुगतान कर दिया जाएगा। हम चाहते हैं कि वर्कप्लेस पर सफाई रहे और सारा काम सिस्टम से हो।