उदयपुर में आज नीट (NEET) का आयोजन किया जा रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में बने 29 केंद्रों के बाहर सुबह से ही हलचल तेज रही। एमबीबीएस और बीडीएस जैसे प्रोफेशनल कोर्सेज में डॉक्टर बनने का सपना लिए 8385 अभ्यर्थियों अपनी किस्मत आजमाई। वहीं, बाहर खड़े माता-पिता के चेहरे पर चिंता दिखाई दी। उन्होंने कहा- बस बच्चे का पेपर अच्छा हो जाए। इससे भविष्य तय होगा। उदयपुर में 8738 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे, जिनमें से 95.96 फीसदी अभ्यर्थियों ने यह एग्जाम दिया। 353 अभ्यर्थी एग्जाम देने नहीं आए। उदयपुर जिला प्रशासन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस परीक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे शहर में कुल 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। दोपहर 2 बजे शुरू हुई यह परीक्षा शाम 5 बजे तक चलेगी। हालांकि, सेंटर्स पर बच्चों की एंट्री काफी पहले शुरू कर दी गई। सुबह 10 बजे से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। सुबह 10 बजे से जुटने लगी भीड़ उदयपुर के राजकीय सीनियर सैकेण्डरी स्कूल सवीना के बाहर सुबह 10 बजे से ही बच्चों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कोई अपने माता-पिता के पैर छूकर अंदर जा रहा था तो कोई आखिरी वक्त में कुछ जरूरी पॉइंट दोहराता नजर आया। पूरे सेंटर को सीसीटीवी से कवर किया गया निष्पक्ष तरीके से परीक्षा कराने के लिए पूरे केंद्र को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। परीक्षा में धांधली रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। स्टूडेंट्स को अपने साथ सिर्फ एडमिट कार्ड और एक फोटो पहचान पत्र लाने की अनुमति दी गई। केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ या किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना पूरी तरह बैन है। खास बात यह है कि बच्चों को अपने साथ पेन ले जाने की भी परमिशन नहीं है, उन्हें सेंटर के अंदर ही पेन मुहैया कराए गए। तलाशी के बाद ही बच्चों को उनकी अलॉटेड सीट तक जाने दिया गया। बांसवाड़ा से अपने बच्चे को परीक्षा दिलाने आए उज्जवल जोशी ने बताया कि सेंटर्स के बाहर की व्यवस्थाएं काफी अच्छी हैं। अब बस शाम तक एक ही चिंता है कि बच्चे का पेपर अच्छे से हो जाए। उज्जवल जैसे कई पेरेंट्स दूर-दराज के इलाकों से सुबह जल्दी उदयपुर पहुंच गए थे। ताकि बच्चों को समय पर सेंटर पहुंचाया जा सके और वे थोड़ा रिलैक्स महसूस करें। इसी तरह उदयपुर के सेक्टर 14 के रहने वाले नीरज शर्मा ने कहा- बेटी काफी लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रही है। आज मेरे और बेटी के लिए बहुत बड़ा दिन है। पेपर का लेवल कैसा रहता है, इसी से बच्चे का भाग्य तय होगा। नीरज ने सवीना स्कूल सेंटर की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि यहां समय पर लाइन लगवाकर बच्चों को व्यवस्थित तरीके से एंट्री दी गई है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि सुरक्षा के लिहाज से अंदर पेन तक ले जाने की मनाही है।