उदयपुर में आयोजित ओडिसी नृत्य प्रस्तुति ने कला और अध्यात्म का अद्भुत संगम पेश कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने अपनी भाव-भंगिमाओं और मनमोहक प्रस्तुतियों से पंचमुखी शिव, शिव तांडव और मीरा की भक्ति को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और दर्शक देर तक प्रस्तुति की सराहना करते नजर आए। विद्या भवन ऑडिटोरियम में नृत्योर्मि संस्थान द्वारा आयोजित वार्षिक उत्सव नृत्याकृति में ओडिसी नृत्य मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई। कार्यक्रम शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को जीवंत रखने का सुंदर माध्यम बना। विभिन्न रागों पर आधारित पल्लवियों मेघ पल्लवी, वसंत पल्लवी, शंकराभरणम् पल्लवी और बिलाहरी पल्लवी ने पूरे ऑडिटोरियम को संगीत और लय की जादुई दुनिया में ले लिया। ‘पंचमुखी शिव’ की प्रस्तुति में शिव की भव्यता, दिव्यता और पंचमुखी स्वरूप की अद्भुत अभिव्यक्ति देखने को मिली। कृष्णेंदु साहा ने मीरा भजन कार्यक्रम में भक्ति रस की अनुपम अभिव्यक्ति की। कलाकारों ने अपनी निष्ठा, साधना से पूरे कार्यक्रम को बनाया यादगार महाकवि जयदेव के अष्टपदी से रचित ‘हरि री मग्धा’ और ओडिशा की प्रचलित भजन ‘चंदन यात्रा’ जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों के हृदय को गहराई तक छू लिया। मीराबाई के प्रसिद्ध भजन ‘हरि तुम हरो जन की पीर’ पर आधारित प्रस्तुति में द्रौपदी का चीरहरण, हिरण्यकश्यप वध और गजेन्द्र मोक्ष की घटनाओं को सुंदर नृत्याभिव्यक्ति के माध्यम से दर्शाया गया, जिसने भक्ति, संरक्षण और ईश्वरीय कृपा की भावना को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से जीवंत कर दिया। नृत्योर्मि परिवार के कलाकारों ने अपनी निष्ठा, साधना और उत्कृष्ट कलात्मकता से पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया। विद्या भवन ऑडिटोरियम दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। शास्त्रीय कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाना उद्देश्य इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शास्त्रीय कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना रहा। दर्शकों ने नृत्योर्मि परिवार के इस प्रयास की भरपूर सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों को और अधिक समृद्ध बनाते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, सूचना एवं जनसंपर्क के जॉइंट डायरेक्टर गौरीकांत शर्मा थे। कार्यक्रम में निवृत्ति कुमारी मेवाड़, कश्ती फाउंडेशन की श्रद्धा मुर्डिया,नित्या सिंघल,बलवीर सिंह नरुका, शिखा राठौड़, डॉ.चित्रसेन,चेतन औदिच्य, सिद्धार्थ शर्मा सहित गणमान्य नागरिक मौजूद थे।