उदयपुर में दूसरे चरण में सरपंच और वार्ड पंच के लिए शुक्रवार को वोटिंग हुई। जिले की कोटड़ा, गोगुंदा, सायरा, बड़गांव, सुलाव और देवला समेत 6 पंचायत समितियों की 189 ग्राम पंचायतों में शाम 6 बजे तक वोट डाले गए। इसके तुरंत बाद काउंटिंग शुरू हुई और देर रात तक नतीजे घोषित होते रहे। गोगुंदा की सेमटाल ग्राम पंचायत में मंजू देवी को निर्विरोध सरपंच चुना गया, यहां सिर्फ वार्ड पंच के चुनाव हुए। वहीं, कड़िया पंचायत के दुलावतों का गुड़ा और माताजी का खेड़ा गांव के लोगों ने अलग पंचायत की मांग को लेकर वोटिंग का बहिष्कार किया। यहां वार्ड 5, 9, 10 और 11 के कुल 1208 वोटरों में से सिर्फ 29 लोगों ने वोट डाले। ग्रामीणों ने ऐलान किया था कि अलग पंचायत बनने तक वे आगे भी हर चुनाव का बहिष्कार करेंगे। शहर से सटी बड़गांव पंचायत समिति में सबसे ज्यादा 84.18 फीसदी फाइनल वोटिंग हुई। वहीं, सायरा में वोटर सुस्त रहे और यहां सबसे कम 68.93 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। पहली बार बनी दोनों नई पंचायत समितियों में भी जबरदस्त क्रेज दिखा। देवला में 82.95 फीसदी और सुलाव में 79.88 फीसदी फाइनल वोटिंग हुई। गोगुंदा में भी आखिरी घंटों में उछाल आया और फाइनल आंकड़ा 77.19 फीसदी पहुंच गया। कोटड़ा में शाम 6 बजे तक 79.54 फीसदी वोट पड़े थे, हालांकि फाइनल आंकड़ा आना अभी बाकी है। पंचायत समिति वार मतदान प्रतिशत इससे पहले दूसरे चरण में इलाकों की जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव हो चुके है। दूसरे राउंड में 69.48% वोटिंग हुई है। कुल 458 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 89 हजार 323 वोटर्स रजिस्टर्ड थे। दूसरे चरण की वोटिंग ने पहले चरण को पीछे छोड़ दिया। दूसरे राउंड में सभी 6 पंचायतों में औसत 69.48 फीसदी वोटिंग हुई, जो पहले चरण की 10 पंचायत समितियों के मुकाबले 2.60 फीसदी ज्यादा है।