उदयपुर जिले के 30 सरकारी स्कूलों में मंगलवार को जजेज ने स्टूडेंट्स को साइबर सिक्योरिटी की बारीकियां बताईं। उन्होंने साइबर बुलिंग, ओटीपी स्कैम, डिजीटल अरेस्ट और सोशल मीडिया के सावधानीपूर्वक इस्तेमाल पर स्टूडेंट्स की क्लास ली। सीनीयिर सेकेंडरी स्कूल रेलवे ट्रेनिंग में पोक्सो कोर्ट-1 के जज अरुण जैन ने बच्चों से कहा कि आजकल शिकायतें आती हैं कि कई बच्चे सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर गलत बातें पोस्ट करते हैं। किसी ​की छवि खराब करने वाले मैसेज भेज देते हैं। कई बार दोस्तों के वाट्सऐप ग्रुप पर किसी एक बच्चे को निशाना बनाकर उसका मजाक उड़ाया जाता है। इसे साइबर बुलिंग कहते हैं। बच्चा इसकी शिकायत स्कूल में लगी शिकायत पेटी में कर सकता है। उसका नाम गोपनीय रहेगा। शिकायत पेटी की चाबी मेरे पास है और इसे हम ही खोलेंगे। उन्होंने बच्चों को गुड और बेड टच के बारे में बताते हुए पॉक्सो एक्ट पर भी जानकारी दी बच्चों में गेमिंग और सोशल मीडिया की बुरी लत जज अरुण जैन ने कहा कि आजकल बच्चों को मोबाइल की बुरी लत लग रही है। वे पेरेंट्स की अनुमति के बिना भी मोबाइल देखते हैं। इसके ज्यादा उपयोग से बच्चे की याददाश्त और एकाग्रता कम हो रही है। उन्होंने कहा कि आजकल बच्चे ऑनलाइन गेम और सोशल मीडिया के बिना नहीं रह पा रहे। इसे चलाने से रोकने पर उनमें गुस्सा और चिडचिड़ापन आ रहा है। ऐसे में पेरेंट्स की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को मोबाइल के इस्तेमाल से रोकें। जज ने आगे कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को कभी निजी जानकारी नहीं दें। ओटीपी या पासवर्ड कभी शेयर नहीं करें।