मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में 2 साल के भागीरथ देवासी की 200 फीट गहरे बोरवेल में फंसने से मौत हो गई। करीब 22 घंटे के रेस्क्यू के बाद SDRF-NDRF टीम ने लोहे की छड़, रस्सी और मोटर निकालने वाली मशीन से शव बाहर निकाला। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया। परिजन ने अंतिम संस्कार कर दिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने माता-पिता को 4 लाख रुपए सहायता देने की घोषणा की और दुख जताया। घटना स्थल पर रो पड़े भागीरथ के पिता भागीरथ के पिता पूसाराम ने दैनिक भास्कर से बताया- वह राजस्थान के पाली से भेड़ चराने आए थे। दो दिन पहले यहां से गया था, तब वो ठीक था। परसों ही उससे बात की थी। आज हमारा बेटा हमारे साथ नहीं है। अगर पता होता कि यहां ऐसा होगा, बेटे को कभी लेकर नहीं आता। घटना स्थल पर वह रो पड़े। मां बोली- आंखों के सामने बेटा गहराई में समाया भागीरथ की मां जत्तूबाई ने बताया कि डेरे लौटते वक्त बेटा उनसे 4-5 कदम पीछे चल रहा था। उसने पत्थर से बोरवेल का ढक्कन हटाया और बाल्टी समझकर पैर डाल दिया, जिससे वह अंदर गिर गया। आवाज सुनकर पीछे मुड़ीं तो देखा कि वह खुले बोरवेल में गिर गया। आंखों के सामने बेटा गहराई में समा गया। अंडर वाटर कैमरा लगाकर रेस्क्यू किया रेस्क्यू टीम के मेंबर दिलीप बामनिया ने बताया- भागीरथ को निकालने के लिए अंडर वाटर कैमरा, इम्प्रोवाइज्ड वॉयस किट और ऑक्सीजन किट का इस्तेमाल हुआ। पीएचई से पाइप और रॉड मंगवाए गए। बच्चे के हाथ में रिंग पहनाकर निकाला गया। खेत मालिक बोला- मोटर खराब होने पर बोरवेल खोला था खेत मालिक अय्यूब खान ने बताया कि दो दिन पहले मोटर खराब हुई थी। उसे ठीक कराने भेजा था। तब से बोरवेल खुला था। उन्हें नहीं पता था कि इससे इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। बच्चे की मौत पर दुख जताया। दो अलग-अलग तरीकों से रेस्क्यू किया गया कलेक्टर रौशन सिंह ने बताया कि भोपाल से NDRF और हरदा, इंदौर, उज्जैन की SDRF टीम पहुंची थी। 40 फीट पर स्टेबल किया गया था। 5 पोकलेन से करीब 25 फीट तक समानांतर खुदाई की गई। दो तरीकों से रेस्क्यू किया गया। CMHO बोले- पानी में डूबने से बच्चे की मौत हुई CMHO अशोक पटेल ने बताया कि प्रथम दृष्टया पानी में डूबने की वजह से बच्चे की मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद बच्चे की डेडबॉडी परिजन को सौंप दी गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह साफ होगी। SP बोले- लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई SP प्रदीप मिश्रा ने बताया कि बच्चे का शव बड़नगर के शासकीय अस्पताल भेजा गया था। लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि जिम्मेदारों की पहचान हो सके। साथ ही रेस्क्यू में सहयोग करने वालों का आभार जताया। देखिए, रेस्क्यू की तस्वीरें… भागीरथ के रेस्क्यू ऑपरेशन के मिनट टु मिनट अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…