डकैत जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या की खबर मिलने के बाद कंचनपुर थाना इलाके के गांव धौंसपुर में सन्नाटा पसरा हुआ है। धौंसपुर जहां डकैत जगन गुर्जर ने 15 वर्ष पूर्व ठिकाना बनाया था। उसकी दो पत्नियां ममता और निशा अपने पूरे परिवार के साथ यहीं रह रही थीं। बेटा आसाराम भी यहीं रह रहा है। सोमवार दोपहर जैसे ही जगन की मौत की खबर आसाराम, दोनों पत्नियों और अन्य परिजनों तक पहुंची तो आसाराम अजमेर के लिए रवाना हो गया और जगन की दोनों पत्नियां और गांव के अधिकांश लोग पैतृक गांव वभूतिपुरा चले गए। जगन के मकान पर उसके जीजा धर्म सिंह गुर्जर मिले। उन्होंने भास्कर को बताया कि जगन की षड्यंत्र पूर्वक हत्या की गई है। हत्या के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। ग्रामीण रामबरन ने बताया जगन अपराध को छोड़ चुका था। हाल ही में बाड़ी में एक मामूली झगड़ा हुआ था। उस झगड़े में राजीनामा भी हो गया था। इसके बावजूद पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यही नहीं पुलिस ने उसे पूर्व की तरह ही बड़ा अपराधी मानते हुए अजमेर जेल शिफ्ट कर दिया। वे सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। कोमेश की धरने की धमकी... डकैत जगन गुर्जर की पत्नी कोमेश ने भास्कर से कहा कि गुर्जर समाज के सभी भाई अजमेर में धरना दे रहे हैं। सभी अधिकारी इस मामले में तसल्ली देकर जगन गुर्जर के शव को ले जाने की बोल रहे हैं। लेकिन बाद में कोई कुछ भी नहीं करेगा। जगन की हत्या होने के बाद घर पर बच्चे परेशान हो रहे हैं। पूरा परिवार शोक में डूबा है। कोमेश ने कहा जो कुछ करना है, प्रशासन को जल्दी करना चाहिए। अगर लिखित में प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन नहीं दिया तो मैं भी धरने में शामिल हो जाऊंगी। डकैत जगन के तीन पत्नियां, 4 बेटी और 4 बेटे... जगन गुर्जर ने तीन शादियां की थीं। पहली शादी ममता के साथ फरारी से पूर्व की थी। दूसरी शादी फरारी के समय कोमेश और तीसरी निशा के साथ की थी। ममता और निशा धौंसपुर गांव में रहती हैं। वहीं कोमेश के लिए अलग से मकान बाड़ी शहर में बनवाया है। ममता के आसाराम पुष्पेंद्र और कृष्णा तीन पुत्र हैं। कोमेश के एक पुत्र लवकुश काजल एवं चीनू दो पुत्री है। तीसरी पत्नी निशा के जानवी और परी दो बेटियां है। भांजे ने जान से मारने धमकी दी तो रिपोर्ट करने थाने पहुंचा... दस्यु जगन गुर्जर अपराध की दुनिया में जब पीक पर था तो उसका सामना करने की किसी भी बदमाश में हिम्मत नहीं थी। लेकिन उम्र के ढलान पर आने के बाद उसे छोटे बदमाशों से भी चुनौती मिलने लगी थी। 16 मार्च 2025 को जगन के भांजे रिंकू ने द्वारा जान से मारने की धमकी दी तो वह कंचनपुर थाने पर 17 मार्च 25 को रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा। कभी जगन की दहशत से कांपते थे जंगल और महल, मुखिया कहते थे लोग जिस दस्यु जगन गुर्जर की धमक से पूरा जिला थर्राता था। यहां तक कि जंगल से लेकर महल तक जगन की दहशत से कांपते थे। उम्र के ढलान और डायबिटीज की बीमारी के बाद जगन गुर्जर में पहले जैसी बात नहीं रही थी। पुलिस उसे जब चाहती तब एरिया डोमिनेशन कार्रवाई में आम अपराधी की तरह उठा लाती और उसे घंटों बिठाए रखती। डकैत जगन गुर्जर अपने चरम पर था तब पुलिस उसका सामना करने से कतराती थी, पुलिस के किसी अफसर की बात भी होती थी तो उसे सम्मान सूचक शब्द मुखिया कह कर बुलाते थे। बताते हैं कि तीन-तीन शादियों के बाद सामाजिक जीवन जीने के इरादे से उसने कई बार अपराध की दुनिया से तौबा करनी चाही, लेकिन अतीत में किए अपराधों ने पीछा नहीं छोड़ा। बुधवार को वभूतिपुरा में जगन का दाह संस्कार होगा।