जूनिया| ख्वाजा डॉ. अब्दुर्रज़्ज़ाक़ शाह का चार दिवसीय उर्स अकीदत और एहतराम के साथ शुरू हुआ। उर्स की औपचारिक शुरुआत दरगाह के सज्जादानशीन हज़रत सूफ़ी डॉ. अब्दुल लतीफ शाह ''अन्ना मियां'' की सरपरस्ती में हुई। महफिल खाने से दोपहर को चादर शरीफ़ का शाही जुलूस रवाना हुआ। यह मुख्य मार्गों से होता हुआ बस स्टैंड पहुंचा। वहां ग्रामीणों ने जुलूस का स्वागत किया। सर्व समाज के लोगों ने सज्जादानशीन सूफ़ी डॉ. अब्दुल लतीफ शाह सहित कमेटी के सदस्यों को माला पहनाकर, साफ़ा बांधकर सम्मान किया। बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों, शहनाई की गूंज के साथ जुलूस मुर्शीद नगर दरगाह पहुंचा। यहां अकीदतमंदों ने कव्वाली गाते हुए मजार शरीफ़ पर मखमल की चादर और फूल पेश किए। इस दौरान सामूहिक दुआ की गई। शाम को दरगाह में चादरपोशी की रस्म अदा हुई। रात को महफिल-ए-समां में कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किया। उर्स को लेकर कस्बे में मेले जैसा माहौल है। प्रदेश के कई जिलों और देश के कई राज्यों से जायरीन के आने का सिलसिला जारी है। दरगाह परिसर में लगी विभिन्न दुकानों पर लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। एडवोकेट सूफी अबुल कलाम उर्फ गुड्डू मियां और सूफ़ी सलीम मोहम्मद बागवान ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर में चित्रकला प्रतियोगिता होगी।