करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले 17 अपराधियों को 5 शहरों में दबिश देकर गिरफ्तार किया गया है। ये सभी कोटा ग्रामीण, पाली, बांसवाडा, जोधपुर शहर व बाड़मेर के रहने वाले हैं। ठगों ने एक कंपनी के चेयरमैन का वॉट्सएप पर नाम और फोटो लगाकर ठगी की थी। रकम को USDT-हवाला के जरिए निकाला गया। साइबर क्राइम पुलिस ने आज इस अंर्तराज्जीय साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है। डीआईजी (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि गेलेक्सी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अकाउंटेंट दीपेंद्र सिंह ने 24 अप्रैल को साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर-1930 पर शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि कंपनी फर्म के चेयरमैन दीपेंद्र सिंह राठौड़ के नाम से वॉट्सएप नंबर से मैसेज किया गया। इसके बाद दो अलग-अलग बैंक अकाउंट की डिटेल भेजकर 5.30 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवाने की कहा गया था। रुपए ट्रांसफर के बाद साइबर फ्रॉड करने का पता चला। USDT के जरिए निकाली रकम एसपी सुमित मेहरडा के सुपरविजन में साइबर फ्रॉड में यूज बैंक अकाउंट्स की डिटेल की गई। जांच में पाया गया कि साइबर फ्रॉड से प्राप्त की गई रकम अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर करते हुए कैश निकासी के लिए USDT व हवाला के माध्यम से निकाल ली गई है। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि सभी प्री-प्लान तरीके से काम करते थे। बैंक अकाउंट, पासबुक-चैकबुक व डेबिट कार्ड, कैश विड्रोल और कमीशन को बांटने के लिए चाय की दुकान/थड़ी पर मिलते थे, ताकि किसी को कोई शक नहीं हो। इन 17 ठगों को पकड़ा- कोटा से 5 ठगों को पकड़ा - सोहेल खान निवासी नयापुरा कोटा को गिरफ्तार किया गया है। वह कोटा शहर में हेयर सैलून पर जॉब करता है। पीएनबी बैंक में अपना अकाउंट खुलवाकर साइबर फ्रॉड की आई रकम को कैश निकालकर साइबर क्रिमिनर्ल्स को पहुंचाता था। इसके एवज में उसे 5 हजार रुपए कमीशन मिलता था। - मोहम्मद राशीद निवासी दादाबाड़ी कोटा को अरेस्ट किया गया। वह कोटा शहर में हेयर सैलून पर जॉब करता है। पीएनबी बैंक में अपना अकाउंट खुलवाकर साइबर फ्रॉड की आई रकम को कैश निकालकर साइबर क्रिमिनर्ल्स को पहुंचाता था। इसके एवज में उसे 3 हजार रुपए कमीशन मिलता था। - समीर खान निवासी दादाबाड़ी कोटा को अरेस्ट किया गया। वह कोटा शहर में हेयर सैलून पर जॉब करता है। पीएनबी बैंक में अपना अकाउंट खुलवाकर साइबर फ्रॉड की आई रकम को कैश निकालकर साइबर क्रिमिनर्ल्स को पहुंचाता था। इसके एवज में उसे 6 हजार रुपए कमीशन मिलता था। - नवीन सिंह चौहान निवासी महावीर नगर कोटा को अरेस्ट किया गया। वह कोटा शहर में ऑटो पार्टस की शॉप चलाता है। साइबर क्रिमिनर्ल्स से मिलीभगत कर फ्रॉड रकम से Angelx App पर USDT खरीदता था। साइबर क्रिमिनर्ल्स से 5 लाख रुपए की रकम पर 50 हजार रुपए कमीशन लेता था। - तोहिद मोहम्मद निवासी नानावट सूरत गुजरात हाल उद्योग नगर कोटा को अरेस्ट किया गया। वह सूरत गुजरात से आकर कोटा शहर में रहकर वकालत की पढ़ाई करता है। हेयर सैलून वालों से दोस्ती होने पर बैंक अकाउंट खुलवाकर साइबर फ्रॉड की रकम को कैश विड्रोल करवाकर पहुंचाता था। इसके बदले में उसे 15 हजार रुपए कमीशन मिलता था। बांसवाड़ा के रहने वाले है 5 ठग - अविनाश जैन निवासी सदर बांसवाड़ा को अरेस्ट किया। वह बांसवाड़ा में श्रंगार की दुकान करता है। वह साइबर क्रिमिनर्ल्स से मिलीभगत कर फ्रॉड रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता। बदले में उनसे कमीशन लेता था। - प्रवीण रावल निवासी सदर बांसवाडा को अरेस्ट किया गया। वह बांसवाडा में कपड़े की फैक्ट्री में काम करता है। साइबर क्रिमिनर्ल्स को खुद का बैंक अकाउंट खुलवाकर देता। बदले में बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाने के एवज में कमीशन लेता था। - अमित रावल निवासी कलींजरा बांसवाड़ा को अरेस्ट किया गया। वह बांसवाड़ा में ई-मित्र की शॉप करता है। साइबर क्रिमिनर्ल्स को फ्रॉड के लिए पत्नी व रिश्तेदारों के बैंक अकाउंट खुलवाकर देता। बदले में प्रत्येक बैंक अकाउंट के बदले 5 हजार रुपए कमीशन लेता था। - भव्य गिरी गोस्वामी निवासी सदर बांसवाड़ा को अरेस्ट किया। वह बांसवाड़ा में कपड़े की शॉप चलाता है। साइबर फ्रॉड से आए रकम को कैश विड्रोल करवाकर क्रिमिनर्ल्स को एक से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करता है। इसके एवज में कमीशन लेता था। - मुकेश चौहान निवासी कलींजरा बांसवाड़ा को अरेस्ट किया। वह बांसवाड़ा में सैनेट्री की शॉप पर काम करता है। साइबर फ्रॉड की रकम एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के बदले कमीशन लेता था। साइबर ठगों के साथ कमीशन पर करते थे काम - राहुल उर्फ आरडीएक्स निवासी औद्योगिक नगर पाली को अरेस्ट किया गया। वह खुद का बैंक अकाउंट खुलवाकर साइबर क्रिमिनर्ल्स को फ्रॉड रकम लेने के लिए देता। कैश विड्रोल कर साइबर क्रिमिनर्ल्स से 5 हजार रुपए कमीशन लेता था। - कमलेश निवासी औद्योगिक नगर पाली को अरेस्ट किया। वह खुद का बैंक अकाउंट खुलवाकर साइबर क्रिमिनर्ल्स को फ्रॉड रकम लेने के लिए देता। कैश विड्रोल कर साइबर क्रिमिनर्ल्स से 5 हजार रुपए कमीशन लेता था। - दिपेन्द्र सिंह निवासी औद्योगिक नगर पाली को अरेस्ट किया। वह अपने दोस्त का बैंक अकाउंट खुलवाकर साइबर क्रिमिनर्ल्स को दिया। बदले में 5 हजार रुपए कमीशन लेता था। - वीरेन्द्र निवासी औद्योगिक नगर पाली को अरेस्ट किया। वह अपने दोस्त का बैंक अकाउंट खुलवाकर साइबर क्रिमिनर्ल्स को दिया। बदले में प्रत्येक बैंक अकाउंट के बदले कमीशन लेता था। - हरीश निवासी देसूरी पाली को अरेस्ट किया। वह खुद का बैंक अकाउंट खुलवाकर साइबर क्रिमिनर्ल्स को देता। बदले में 5 हजार रुपए कमीशन लेता था। - सदराम निवासी सेढवा बाड़मेर को अरेस्ट किया। वह खुद का बैंक अकाउंट खुलवाकर साइबर क्रिमिनर्ल्स को देता। बदले में कमीशन लेता था। परिजतों के अकाउंट में रुपए करवाता था ट्रांसफर - घनश्याम धतरवाल निवासी विवेक विहार जोधपुर को अरेस्ट किया। वह साइबर क्रिमिनर्ल्स को परिचितों के बैंक अकाउंट खुलवाकर फ्रॉड रकम के लिए उपलब्ध करवाता। कैश विड्रोल कर उस रकम से USDT खरीदना-बेचने के साथ कमीशन लेता था।