भास्कर न्यूज | गिड़ा सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का गंभीर मामला राबाउमावि सवाऊ पदमसिंह उप तहसील मुख्यालय पर स्थित बालिका स्कूल में देखने को मिल रहा है। 275 छात्राओं वाले इस स्कूल में प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों के 11 पद रिक्त हैं। हालात ऐसे हैं कि पूरे स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था केवल चार शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रही है। स्कूल को उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत हुए चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक व्याख्याताओं के पद स्वीकृत नहीं किए गए। इसके बावजूद 12वीं बोर्ड के तीन सत्र बिना नियमित व्याख्याताओं के पूरे हो चुके हैं। स्कूल में प्रधानाचार्य का स्वीकृत पद भी लंबे समय से रिक्त है। अध्यापक लेवल-1 के दो स्वीकृत पद हैं और दोनों खाली हैं। अध्यापक लेवल-2 में हिंदी व सामाजिक विज्ञान के पद स्वीकृत हैं, जिनमें सामाजिक विज्ञान का पद जून 2025 से रिक्त पड़ा है। वरिष्ठ अध्यापकों के छह स्वीकृत पदों में केवल एक वरिष्ठ अध्यापक कार्यरत है। हिंदी, अंग्रेजी, गणित व सामाजिक विज्ञान के पद पिछले तीन-चार वर्षों से खाली हैं, जबकि विज्ञान विषय का पद हाल ही में स्थानांतरण के बाद रिक्त हुआ है। स्कूल में वर्तमान में केवल एक हिंदी व्याख्याता कार्यरत हैं, जो अधिशेष श्रेणी में हैं। इसके अलावा एक अध्यापक लेवल-2, एक वरिष्ठ अध्यापक संस्कृत और एक शारीरिक शिक्षक कार्यरत हैं। यही चार शिक्षक कक्षा 1 से 12वीं तक अध्ययनरत 275 छात्राओं की पढ़ाई व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का जिम्मा संभाल रहे हैं। व्याख्याताओं व विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी का सबसे अधिक असर 10वीं व 12वीं की छात्राओं पर पड़ रहा है। कई विषयों की नियमित पढ़ाई नहीं हो पा रही है, जिससे छात्राओं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों व अभिभावकों ने बताया कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के दावों के बीच स्कूल में वर्षों से रिक्त पद नहीं भरे जा रहे हैं। उन्होंने सरकार व शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्रधानाचार्य सहित सभी रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएं, ताकि छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और उनके भविष्य से समझौता न हो।