उदयपुर के वल्लभनगर क्षेत्र की माल की टूस पंचायत में मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत बनी सड़क की घटिया गुणवत्ता का मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियरों द्वारा बनाई गई यह सड़क कुछ ही दिनों में उखड़ने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि डामर के नाम पर कच्चे रास्ते पर सिर्फ पतली परत बिछा दी गई, जो हाथ-पैर के हल्के दबाव से ही उखड़ रही है। परत हटते ही नीचे मिट्टी साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीण पूरण मेघवाल और बंशीलाल ने बताया कि 29 लाख रुपए के बजट में घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर ऐसी सड़क बनाई गई है, जो जल्द ही पूरी तरह उखड़कर साफ हो जाएगी। उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों से तुरंत संज्ञान लेते हुए दोषी इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। निर्माण में देरी और बोर्ड पर गलत तिथि लिखी यह 2 किलोमीटर लंबी सड़क मीठा नीम चौराहे से लूणेश्वर महादेव मंदिर तक बनाई गई है। सड़क पर लगे बोर्ड के अनुसार निर्माण 6 अक्टूबर 2025 को शुरू होकर 5 दिसंबर 2025 को पूरा होना था। लेकिन हकीकत में सड़क का काम करीब साढ़े तीन महीने की देरी से मार्च 2026 में पूरा हुआ। सार्वजनिक निर्माण विभाग, वल्लभनगर ने 29 लाख रुपये में नील कन्स्ट्रक्शन कंपनी को ठेका दिया था। पूरा काम एक्सईएन अचल गुप्ता और एईएन राकेश मेघवाल की मॉनिटरिंग में पूरा हुआ है। घटिया निर्माण के सवाल पर ये बोले एक्सईएन जब घटिया निर्माण को लेकर एक्सईएन अचल गुप्ता से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि डामर की पतली परत उखड़ने का जो वीडियो आया है, वह श्मशान घाट के अंदर का हिस्सा है। यह क्षेत्र मूल 2 किलोमीटर के टेंडर में शामिल नहीं था। ग्रामीणों की बार-बार मांग पर हमने श्मशान तक डामर सड़क ​बनवाई थी। बाकी जो एरिया टेंडर में है, वहां ऐसी स्थिति नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सड़क निर्माण में हुई देरी के लिए ठेकेदार से पेनल्टी वसूली जाएगी। --- ये खबर भी पढ़ें अलवर में लोगों ने खोली नई सड़क की पोल, VIDEO::हाथ-पैर से उखाड़ दिया, कहा-10 दिन भी नहीं टिकेगी, काम रुकवाया अलवर में 19 लाख रुपए की लागत से नई सड़क का निर्माण किया जा रहा है। रोड बनाते समय गांव के लोग मौके पर पहुंचे। गांववालों ने सड़क की क्वालिटी जांची तो वह उखड़ने लगी। इस पर लोगों ने विरोध करते हुए सड़क का काम रुकवा दिया। अलवर के देसूला गांव में दिल्ली रोड तक लगभग 1 किलोमीटर की नई सड़क बन रही है। (पूरी खबर पढ़ें)