प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का स्वरूप मंगलवार रात 12 बजे से बदल जाएगा। योजना का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) हो जाएगा। करीब एक लाख कार्य मनरेगा से वीबी-जीरामजी में ट्रांसफर हो जाएंगे। इन्हें मिलाकर कुल छह लाख कार्य वीबी-जीरामजी में कराने की तैयारी कर ली गई है। इनमें चार लाख का मस्टररोल भी तैयार है। इस स्कीम में प्रदेश के 98 लाख सक्रिय लेबर राजस्थान में काम कर रही है। एक करोड़ से अधिक जॉब कार्ड बने हुए हैं। प्रदेश में जून के करीब 10 करोड़ मानव दिवस (मैनडे) मिले थे। इनमें से बचे हुए दिवसों को कैरी फॉरवर्ड किया जाएगा। इन कार्यों पर खर्च केंद्र-राज्य की 60:40 हिस्सेदारी के अनुसार ही किया जाएगा। 1200 करोड़ का बजट मिला योजना के लिए इस बार राजस्थान को 1200 करोड़ रुपए का बजट मिला है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा आवंटन माना जा रहा है। 1.03 करोड़ नए जॉब कार्ड छपेंगे नई योजना में प्रशासनिक कार्यों के लिए 100 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है। प्रशासनिक मद में कुल बजट बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है। इस राशि से 1.03 करोड़ नए जॉब कार्ड छपेंगे। वीबी-जीरामजी में छह लाख काम चिह्नित किए जा चुके हैं। अब तक का सबसे बड़ा बजट मिला है। इंफ्रा डवलपमेंट के तहत पक्के काम होंगे। -पुष्पा सत्यानी, आयुक्त, मनरेगा