जोधपुर में पानी की बढ़ती मांग और बूंद-बूंद बचाने के लिए जलदाय विभाग ने सख्ती शुरू करने का फैसला लिया है। अब अगर कोई व्यक्ति गली, सड़क या वाहन को पेयजल से धोते हुए मिला तो पहली बार में समझाइश की जाएगी। इसके बाद अगर वह नहीं माना तो एक हजार रुपए का जुर्माना करेगा। फिर भी कोई नहीं माना तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके लिए शहर के सभी 22 सब डिवीजन के एईएन व चारों खंड के एक्सईएन अपनी टीम के साथ फील्ड में उतरेंगे। इनकी मॉनिटरिंग एसई सिटी राजेंद्र मेहता और अतिरिक्त मुख्य अभियंता दिनेश नागौरी करेंगे। गांवों में भी इसी तरह की सख्ती लागू की जा रही है। वहां एसई जिला वृत अजय किशन छंगाणी की निगरानी में एक्सईएन के नेतृत्व में टीमें गश्त करेंगी। समस्याओं के समाधान के भी निर्देश अतिरिक्त मुख्य अभियंता दिनेश नागौरी ने गर्मी के सीजन को देखते हुए पानी के लीकेज और गंदे पानी की शिकायतों को तुरंत निस्तारित करने के निर्देश दिए। रोजाना 15 एमसीएफटी तक पानी की जरूरत शहर के 2.10 लाख उपभोक्ताओं को अभी तक 13-14 एमसीएफटी पानी की जरूरत थी। गर्मी बढ़ने से यह आंकड़ा 14-15 एमसीएफटी तक पहुंच गया है। 15 अप्रैल तक मुख्य नहर से पानी मिला था। अभी बीकानेर से मदासर (फलोदी) के मध्य नहर में पानी स्टोर किया हुआ है। इसी के जरिए सप्लाई हो रही है। यह पानी 15 मई तक मिलेगा। इसके बाद कायलाना-तखतसागर में स्टोर पानी से सप्लाई मिलेगी। इनमें 242 एमसीएफटी पानी भरा है, जो 8-9 दिन चल सकता है। नहीं रोक पा रहे लीकेज, 2 दिन में 80 शिकायतें क्लोजर में पानी बचाने के लिए पीएचईडी पूरे प्रयास कर रहा है। लीकेज जैसी समस्याएं भी चुनौती बनी हुई हैं। पीएचईडी ने 16 व 17 अप्रैल को सभी 22 सहायक अभियंता के नेतृत्व में टीमें भेजकर समस्याएं जानी। हैंड पंप मरम्मत, पानी लीकेज व गंदे पानी की 80 शिकायतें मिली, 66 का निस्तारण किया। बाकी समस्याओं का आज निस्तारण होगा। एक जनवरी से 15 अप्रैल तक 327 अवैध कनेक्शन काटने के साथ 4.25 लाख की पैनल्टी वसूली। तीन थानों में 8 लोगों पर केस भी किया।