नागौर में पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को जिले के कुछ हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं 31 जुलाई से 2 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। बारिश होने पर तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी-उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं किसानों को भी खरीफ फसलों के लिए अच्छी बारिश का इंतजार है। बुधवार को गर्मी और उमस ने किया परेशान बुधवार को जिले में मौसम ज्यादातर साफ रहा। दिनभर तेज धूप और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आज बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने बताई बारिश की वजह मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी भारत के ऊपर बना गहरा अवदाब अब कमजोर होकर सामान्य अवदाब में बदल गया है। फिलहाल यह उत्तरी ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और आसपास के छत्तीसगढ़ क्षेत्र के ऊपर बना हुआ है। अगले 24 घंटे में इसके धीरे-धीरे पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके असर से मध्यम से कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। अजमेर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। बारिश में देरी से खरीफ फसलों पर असर बारिश में देरी का असर किसानों की खरीफ फसलों पर भी दिखने लगा है। खेतों में नमी कम होने से बाजरा, मूंग, ग्वार और ज्वार की फसलों की बढ़वार प्रभावित होने का खतरा है। जिन खेतों में पहली बारिश के बाद बुवाई हो चुकी है, वहां लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण फसलों में पानी की कमी का असर दिखाई देने लगा है। मूंग, बाजरा और ग्वार की फसल पर ज्यादा असर खासकर मूंग और बाजरा की फसल के लिए समय पर बारिश जरूरी होती है। अगर बारिश का अंतराल ज्यादा बढ़ जाता है तो पौधों की बढ़वार रुक सकती है और पैदावार पर भी असर पड़ सकता है। वहीं ग्वार की फसल में भी पर्याप्त नमी नहीं मिलने से पौधों का विकास प्रभावित होने की आशंका है। अच्छी बारिश से किसानों को मिलेगी राहत किसानों को अब आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद है। यदि 31 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अच्छी बारिश होती है तो खेतों में नमी बढ़ेगी, खरीफ फसलों की बढ़वार तेज होगी और बारिश में देरी से बढ़ी किसानों की चिंता भी कम हो सकेगी।