भास्कर न्यूज | बाड़मेर पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ औद्योगिक विकास का नहीं, करीब 20 साल पुराने राजस्थान के नर्मदा पानी के समझौते का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने देश में नदियों के पानी को लेकर होने वाले विवादों की राजनीति पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने नर्मदा के पानी का वह ऐतिहासिक उदाहरण पेश किया, जिसने पश्चिमी राजस्थान की तकदीर बदल दी। प्रधानमंत्री ने उस दौर को याद किया, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे और वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री थीं। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि पानी के लिए राज्य दशकों तक अदालतों में लड़ते रहे। आंदोलन होते रहे। लेकिन जब गुजरात और राजस्थान दोनों में भाजपा की सरकार थी, तब हमने बिना विवाद राजस्थान में पानी पहुंचाया। जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का नाम लिए जाने पर पूरा पंडाल तालियों और नारों से गूंज उठा। जब पीएम मोदी ने कहा कि मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था और यहां बहन वसुंधरा मुख्यमंत्री थीं। बिना किसी संघर्ष, विवाद, आंदोलन या झगड़े के, हमने मिलकर राजस्थान के साथ नर्मदा का जल साझा किया। वहां मौजूद भीड़ ने जोरदार तरीके से अपनी प्रतिक्रिया दी। इससे राजस्थान की राजनीति में उनके मजबूत जनाधार और लोकप्रियता का संदेश गया। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी आधुनिक इंजीनियरिंग का चमत्कार है। उन्होंने रिफाइनरी को रेगिस्तान का गहना बताया। इसे बनाने में जितना स्टील और कंक्रीट लगा है, उसके आंकड़े किसी को भी हैरान करने वाले हैं। रिफाइनरी में इस्तेमाल हुआ स्टील फ्रांस के विश्व-प्रसिद्ध एफिल टावर को बनाने में लगे स्टील से 40 गुना ज्यादा है। इसके अलावा लगभग 16 लाख घन मीटर कंक्रीट लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पचपदरा रिफाइनरी से तैयार डीजल, पेट्रोल, एलपीजी, और पेटकोक के प्रोडक्शन टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रिफाइनरी से पहली बार डीजल, पेट्रोल, एलपीजी तैयार होकर बाहर सप्लाई किए गए। रिफाइनरी से करीब 20 से ज्यादा टैंकर रवाना किए गए। बाड़मेर. प्रधानमंत्री मोदी हरी झंडी दिखाकर डीजल टैंकरों को रवाना किया।