भास्कर संवाददाता| पाली / देसूरी जिले की 8 वन रेंज और कुम्भलगढ़ अभयारण्य के हिस्सों में बुद्ध पूर्णिमा की चांदनी रात में वन्यजीव गणना शुक्रवार शाम 5 बजे से शुरू हो गई। यहां 130 वाटर होल पर 200 से ज्यादा लोग मचान से शनिवार शाम 5 बजे तक गणना करेंगे। 8 रेंज के 73 वाटर हॉल और देसूरी वाइल्डलाइफ के 37 व सादड़ी के 20 वाटर होल पर गणना हो रही है। डीएफओ कस्तुरी प्रशांत सुले ने बताया कि 73 वाटर होल पर 73 ट्रेप कैमरे, 78 फारेस्ट स्टाफ, 64 वन्यजीव प्रेमी सहित 142 लोग वन्यजीव गणना में शामिल हुए। जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन के रेंजर जितेंद्र मीना ने बताया कि जवाई रेंज में 18 वाटर हॉल पर वन्य जीवों की गणना जारी है। इनमें 8 वनकर्मी और 36 वॉलंटियर मचान से गणना कर रहे हैं। मैं वनरक्षक विष्णु प्रकाश मीणा जवाई रेंज के काम्बेश्वर रोड गोखली वाटर होल के पास पेड़ पर बनी मचान पर बैठा हूं। मेरे साथ वन्यजीव प्रेमी भैराराम भी हैं। शाम के धुंधलके में सबसे पहले मोरों का एक समूह प्यास बुझाने वाटर हॉल आया। रात के करीब 10 बजे सूखी पत्तियों के चरमराने की तेज आवाज आती है। कुछ जंगली सूअर और एक सियार पानी पीने आते हैं। रात 10:19 बजे दबे पांव एक शानदार लेपर्ड वाटर हॉल की तरफ बढ़ता दिखता है।