भास्कर संवाददाता|टोंक राजकीय सार्वजनिक जिला पुस्तकालय टोंक में गुरुवार को विश्व पुस्तक दिवस का आयोजन हुआ। जिला पुस्तकालयाध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना और पुस्तकों के महत्व को रेखांकित करना था। उन्होंने मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप जलाकर व माल्यार्पण किया। इस मौके पर गौरव शर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में भी किताबों का महत्व कम नहीं हुआ है। पुस्तकें हमारी सबसे अच्छी मित्र हैं जो न केवल ज्ञान देती हैं बल्कि सही मार्गदर्शन भी करती हैं। इस मौके पर पुस्तक प्रदर्शनी लगाई। जिसमें भारत के महानायकों की जीवनियां से लेकर आधुनिक साहित्य और विज्ञान की नई किताबों को प्रदर्शित किया गया। ई- पुस्तकों के बारे में जानकारी दी। सूर्यनारायण मिश्रा, प्रेम कर्णावत, निशा नामा, जीतराम, नवीन जांगिड़, रचना आदि पाठक भी मौजूद रहे। राउप्रावि नयागांव स्कूल के पुस्तकालय में विभिन्न पुस्तकों का प्रदर्शन कर विद्यार्थियों को पुस्तकों का महत्व समझाया। अध्यापक रामबाबू शर्मा ने कहा कि पुस्तकें जीवन को जीने का सही मार्ग बताती है। समय का सदुपयोग करते हुए स्वाध्याय करते रहना चाहिए। शिक्षिका ममता पालीवाल, चंदा रानी, निधि पाराशर ने कहा कि किताबें हमारे जीवन का निर्माण करती हैं। अमित मीना, राधिका यादव रितिक मीना, शिवांसी, आदित्य ने भी विचार व्यक्त किए।