कासं|सवाई माधोपुर सामान्य चिकित्सालय सवाई माधोपुर के एमसीएच विंग में चिकित्सा एवं आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीणा के नेतृत्व में एमसीएच विंग की विभिन्न व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर सुचारू रूप से शुरू कर किया गया है। एमसीएच विंग में लंबे समय से बंद पड़ी सेंट्रल एसी व्यवस्था एवं लिफ्ट को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। साथ ही डक्टिंग, गायनी ओटी, गायनी आईसीयू, एसएनसीयू, एमटीसी एवं भामाशाह काउंटर सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित एवं दुरुस्त करवाया गया है। इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों, प्रसूताओं, नवजात शिशुओं एवं उनके परिजनों को काफी राहत मिली है। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीणा द्वारा गायनी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गायनी ओटी को 24 घंटे संचालित कर दिया गया है। पूर्व में गायनी ओटी में ओपीडी ड्यूटी के अनुसार व्यवस्था संचालित होती थी। अब 24 घंटे ओटी सेवा उपलब्ध होने से इमरजेंसी में आने वाली प्रसूताओं को ऑपरेशन के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा तथा आवश्यकता होने पर तत्काल ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। गायनी ओटी में सत्र 2026-27 में अब तक 790 एलएससीएस (सीजेरियन ऑपरेशन), 102 हिस्टेरेक्टॉमी एवं 260 माइनर केस किए जा चुके हैं। बड़ी संख्या में हो रहे इन ऑपरेशनों को देखते हुए 24 घंटे ओटी सेवा शुरू होना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगी। पीएमओ ने कहा कि अस्पताल प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं एवं नवजात शिशुओं के लिए एमसीएच विंग में चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। आईसीयू से गंभीर प्रसूताओं को तत्काल उपचार एमसीएच विंग में गायनी आईसीयू शुरू होने के बाद गंभीर एवं इमरजेंसी स्थिति में आने वाली प्रसूताओं को तत्काल उपचार एवं विशेषज्ञ निगरानी उपलब्ध होने लगी है। आईसीयू सुविधा से गंभीर मरीजों की बेहतर मॉनिटरिंग संभव हुई है और उपचार में समय की बचत हो रही है। गायनी आईसीयू की सुविधा शुरू होने के बाद इंफेक्शन कंट्रोल में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा संक्रमण के मामलों में काफी कमी आई है। इससे प्रसूताओं की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था को मजबूती मिली है।