देशभर के 253 शिक्षाविद् राजस्थान यूनिवर्सिटी में कुलगुरु बनना चाहते हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी के कुुलगुरु के लिए सलेक्टेड नामों का पैनल इसी सप्ताह लोकभवन भेजने की तैयारी है। आवेदन करने वाले 253 लोगों में से करीब 200 आवेदक राजस्थान से बाहर के हैं, जबकि करीब 50 लोग प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के वर्तमान और रिटायर्ड शिक्षाविद् हैं। देश के 12 व प्रदेश के 3 विवि के कुलगुरु दौड़ में; आरयू में वीसी बनने के लिए देश की 12 यूनिवर्सिटीज के वीसी ने भी आवेदन किया है। इनमें प्रदेश की 3 यूनिवर्सिटी के मौजूदा कुलगुरु भी शामिल हैं। हालांकि पात्रता के मानकों पर खरा उतरने वालों को ही आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। क्योंकि कुछ आवेदक तो 10 साल प्रोफेसर रहने की शर्त पर ही अटक सकते हैं। वर्तमान में प्रदेश के 32 सरकारी विश्वविद्यालयों में 2 गुजरात, 2 दिल्ली, 1 महाराष्ट्र, 1 हिमाचल प्रदेश के वीसी हैं। बाकी राजस्थान के हैं और 5 में कार्यवाहक वीसी हैं। खास बात यह है कि राजस्थान यूनिवर्सिटी के 10 वर्तमान/रिटायर्ड प्रोफेसरों ने भी कुलगुरु पद के लिए दावेदारी जताई है। आवेदन करने वाले कई एेसे भी हैं जिनको यूजीसी के नियमों के मुताबिक प्रोफेसर के तौर पर 10 साल का अनुभव नहीं है। वर्तमान वीसी का कार्यकाल 25 तक; आवेदन पत्रों की जांच और पात्र उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। वीसी सर्च कमेटी इसी सप्ताह पैनल बनाकर लोकभवन भेजने की तैयारी कर रही है। अंतिम निर्णय लोकभवन में होगा। वर्तमान कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा का कार्यकाल 25 सितंबर को पूरा हो रहा है। ऐसे में यूनिवर्सिटी में नए कुलगुरु की घोषणा इसी तारीख से पहले होने की संभावना है। 253 आवेदनों के बीच अब बड़ा सवाल यही है कि सर्च कमेटी किन नामों को पैनल में शामिल करती है।