नए चेहरों के साथ अनुभव भी जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के 32 प्रत्याशी पहले पांच साल पार्षदी कर चुके हैं और इस बार फिर वोट के लिए गलियों में घूम रहे हैं। ये 32 प्रत्याशी 30 वार्डों से चुनाव लड़ रहे हैं। किसी के सामने नया चेहरा है तो किसी के सामने अनुभवी। दो वार्ड तो ऐसे हैं, जहां कोई नया नहीं है। पुराने प्रत्याशी ही आमने-सामने हैं। वार्ड 86 में भाजपा की उषा टाटीवाल और कांग्रेस की तारा बेनीवाल आमने-सामने हैं और दोनों पूर्व पार्षद हैं। उषा दो बार पार्षद रह चुकी हैं तो तारा एक बार। वार्ड-118 में भाजपा के विकास कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर के बीच मुकाबला है। यहां के मतदाताओं के सामने दो पुराने कार्यकाल और दो पुराने चेहरों में से एक चुनने की चुनौती होगी। इसी तरह वार्ड 131 से कांग्रेस के पुष्पेन्द्र मीणा तीसरी बार मैदान में हैं। बड़े चेहरे भी पार्षद बनने के लिए मैदान में पूर्व पार्षदों के साथ ही निकाय राजनीति में बड़े पदों पर रह चुके चेहरे भी मैदान में हैं। चार पूर्व चेयरमैन, एक पूर्व उपमहापौर और एक पूर्व महापौर को भी टिकट मिला है। पूर्व उपमहापौर के रूप में पुनीत कर्णावट तो पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल मैदान में हैं। इस तरह दोनों पार्टियों की रणनीति साफ है। नए चेहरों के साथ अनुभव को भी मैदान में उतारा है। अब देखना यह है कि मतदाता पुराने काम पर दोबारा मुहर लगाते हैं या बदलाव चुनते हैं। वार्ड-118 और 86 में भाजपा-कांग्रेस ने पुराने प्रत्याशी उतारे वार्ड-5 से नरेन्द्र शेखावत, 15 से बद्री कुमावत, 16 से महेश संघी, 17 से सुमेर सिंह, 21 से अजय चौहान, 22 से वीरेन्द्र सिंह, 23 से विकास बारेठ, 34 से पीयूष किराडू, 36 से गजेन्द्र सिंह, 38 से गणेश नारायण, 47 से दामोदर मीणा, 53 से राजीव चौधरी, 57 से गिर्राज शर्मा, 64 से कैलाश मीणा, 73 से जयश्री गर्ग, 76 से पुनीत कर्णावट, 78 से अभिषेक सैनी, 84 से भरत मेघवाल, 85 से महेन्द्र पाल, 89 से भवानी सिंह, 109 से मो. अयूब, 110 से ज्योति खंडेलवाल, 114 से मो. जकरिया, 121 से नीरज अग्रवाल, 128 से मो. सोहेल, 131 से पुष्पेन्द्र मीणा,132 से इंद्राज नैनीवाल और 149 अंजली ब्रह्मभट्ट चुनाव मैदान में है।