शहर सरकार बनाने की दौड़ में उतरे प्रत्याशियों की चुनावी ‘मार्कशीट’ भी दिलचस्प है। कोई साक्षर है, कोई पांचवीं-आठवीं पास तो कोई एमफिल और एलएलएम तक पढ़ा है। इंजीनियरिंग की बीटेक डिग्री वाले वोट मांग रहे हैं तो कानून की पढ़ाई कर चुके प्रत्याशी अब पार्षदी की परीक्षा दे रहे हैं। भास्कर ने भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों की शैक्षणिक योग्यता का एनालिसिस किया तो पता चला कि सबसे ज्यादा प्रत्याशी सीनियर सेकंडरी पास हैं। भाजपा में साक्षर से लेकर 12वीं तक की श्रेणियों में 66 प्रत्याशी हैं, जबकि कांग्रेस में 79 हैं। भाजपा के 14 और कांग्रेस के 18 प्रत्याशी केवल साक्षर हैं। सेकंडरी पास भाजपा में 25 और कांग्रेस में 28 हैं। सीनियर सेकंडरी तक पढ़े प्रत्याशियों की संख्या भाजपा में 13 और कांग्रेस में 20 है। भाजपा में दो प्रत्याशी 5वीं पास हैं। कानून की पढ़ाई में भाजपा आगे, 9 प्रत्याशी एलएलबी-एलएलएम: भाजपा के 8 प्रत्याशियों की सर्वोच्च योग्यता एलएलबी है, जबकि कांग्रेस में केवल 1 प्रत्याशी है। इसके अलावा दोनों दलों में 1-1 प्रत्याशी एलएलएम तक पढ़ा है। यानी कानून की डिग्री वाले भाजपा के 9 और कांग्रेस के 2 प्रत्याशी मैदान में हैं। एमए-एमकॉम में कांग्रेस आगे, कांग्रेस के दो बीटेक पास: कांग्रेस के 12 प्रत्याशी एमए और 8 एमकॉम हैं, जबकि भाजपा के 9 एमए और 5 एमकॉम प्रत्याशी हैं। एमबीए में भी कांग्रेस के 3 के मुकाबले भाजपा के 2 प्रत्याशी हैं। तकनीकी शिक्षा में कांग्रेस के दो बीटेक प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, भाजपा से कोई नहीं है। बीए में भाजपा, बीकॉम में कांग्रेस का पलड़ा भारी परंपरागत डिग्रियों में मुकाबला लगभग बराबर है। भाजपा 15 प्रत्याशी बीए हैं, जबकि कांग्रेस के 13 हैं। बीकॉम में कांग्रेस आगे । हैकांग्रेस के 9 और भाजपा के 6 प्रत्याशी बीकॉम हैं। सामान्य स्नातक श्रेणी में भाजपा के 18 और कांग्रेस के 10 प्रत्याशी हैं। भाजपा से एक प्रत्याशी बीएससी है, जबकि कांग्रेस से एक बीबीए और एक बीएचएमएस है।