नगर निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने इस बार युवा चेहरों पर खासा जोर दिया है। पार्टी ने इस बार आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। उन्हीं आवेदनों के बाद तय प्रत्याशियों के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस के 43.59% प्रत्याशियों की उम्र 40 वर्ष से कम है। वहीं 76.25% प्रत्याशी 50 वर्ष से कम उम्र के हैं। 50 वर्ष से अधिक आयु वाले प्रत्याशियों की हिस्सेदारी 23.75% है। यदि 41 वर्ष से 50 वर्ष के प्रत्याशियों की बात करें तो यह संख्या 26.92% है। 25 वर्ष से कम उम्र के प्रत्याशियों की संख्या 5.74% है। यही नहीं, पार्टी ने इस बार महिलाओं को भी अधिक संख्या में मैदान में उतारा है। पार्टी ने 10245 वार्डों में से करीब 9300 प्रत्याशी उतारे हैं। इनमें से 3348 महिलाएं हैं यानी करीब 36% । असल में पार्टी के वॉर रूम ने इस बार ऑनलाइन आवेदन मंगाकर प्रत्याशियों का डेटा ऑनलाइन किया था। ऐसे में एक-एक प्रत्याशी का रिकॉर्ड बनाया गया है। प्रत्याशी चयन में सोशल इंजीनियरिंग पर जोर कांग्रेस ने प्रत्याशियों के चयन में सोशल इंजीनियरिंग पर जोर दिया है। पार्टी ने सामान्य सीटों पर भी आरक्षित वर्ग के प्रत्याशियों को उतारकर एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग पर दाव खेला है। पार्टी ने ओबीसी वर्ग से 48.15% प्रत्याशी उतारे हैं। इस चुनाव में निर्धारित 19.91% आरक्षण से यह करीब ढाई गुना है। अनुसूचित जाति वर्ग से 21.81% प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि आरक्षण 18.30% वार्डों के लिए मिला है। पार्टी ने अनुसूचित जनजाति के 5.23% प्रत्याशियों को टिकट दिया है, जबकि आरक्षण 4.04% वार्डों के लिए निर्धारित है। कांग्रेस के संविधान में 50%, टिकट दिए 26% ज्यादा: प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि पार्टी के संविधान में 50 वर्ष से कम उम्र के लोगों को संगठन में 50% भागीदारी देने का प्रावधान है। निकाय चुनाव में पार्टी के आंकड़े बताते हैं कि इस बार 50 साल से कम उम्र वाले प्रत्याशियों की हिस्सेदारी 76.25% है। युवाओं के साथ सोशल इंजीनियरिंग भी: कांग्रेस ने 40 साल से कम आयु वाले प्रत्याशियों को करीब आधी हिस्सेदारी दी है। वहीं आरक्षित वर्गों में भी निर्धारित आरक्षण से अधिक प्रतिनिधित्व देने का दावा किया है। पार्टी का फोकस युवा नेतृत्व और सामाजिक प्रतिनिधित्व का संयोजन बनाने पर दिखाई देता है।