भाजपा में रार; पूर्व एमएलए राजकुमारी ने चप्पल दिखाई, जिलाध्यक्ष ने दुपट्टे से अपनी गर्दन कसी भाजपा में भरतपुर संभाग के चुनाव प्रभारी अशोक परनामी के जयपुर स्थित आवास पर शनिवार को टिकटों को लेकर अहम बैठक हुई। बैठक में करौली के नेताओं के बीच टिकटों को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव और भाजपा के जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन आमने-सामने आ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर टिकट के बदले पैसे लेने के आरोप लगाए। विवाद उस समय शुरू हुआ, जब राजकुमारी जाटव अपनी ओर से तैयार कुछ दावेदारों की सूची लेकर बैठक में पहुंचीं। जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन ने सूची पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सूची में शामिल लोगों से पैसे लिए गए हैं। इसी वजह से पुराने कार्यकर्ताओं के नाम काटे जा रहे हैं। इस पर राजकुमारी जाटव ने भी जादौन पर पैसे लेने का आरोप लगा दिया। दोनों के बीच बहस बढ़ने पर राजकुमारी जाटव ने चप्पल तक दिखाई। वहीं, जादौन इतने नाराज हो गए कि उन्होंने भाजपा के दुपट्टे से अपना गला कसने की कोशिश की। उन्होंने इस्तीफा देने की बात भी कही। हालांकि, वहां मौजूद नेताओं ने उन्हें संभाला। परनामी : ऐसा कुछ नहीं हुआ, राजकुमारी:पार्टी में पक्ष रखूंगी इस दौरान भरतपुर संभाग प्रभारी बिहारीलाल विश्नोई और चुनाव प्रभारी अशोक परनामी टिकटों को लेकर चर्चा करते रहे। मामले में अशोक परनामी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। वहीं, राजकुमारी जाटव का कहना है कि इस प्रकरण को लेकर पार्टी के अंदर अपना पक्ष रखेंगी, बाहर नहीं। विवाद और हंगामे होते रहे, प्रदेश कार्यालय तक पहुंचती रहीं शिकायतें श्याम नगर-सिविल लाइंस विधानसभा में एक पर्यवेक्षक ने तीन नाम उजागर कर दिए। इसे लेकर हंगामा हुआ। इस मामले में संगठन के एक पर्यवेक्षक और स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा के बीच बहस हो गई। विधायक ने नाम बताने का खंडन किया और खुद को बचाते हुए मामला शांत कराया। इसी तरह मालवीय नगर में एक विधायक के परिजन का नाम आने की बात पर दावेदारों के समर्थकों में बहस हुई। विद्याधर नगर में भी चार नाम उजागर होने को लेकर विवाद हुआ। इन तमाम विवादों और हंगामे की बात प्रदेश कार्यालय तक पहुंची। कांग्रेस वॉर रूम में गाली-गलौज; डोटासरा -जूली के सामने भिड़े पूर्व मंत्री रामलाल और धीरज गुर्जर निकाय चुनाव में टिकटों की तैयारियों के साथ कांग्रेस में गुटों की खींचतान भी खुलकर सामने आने लगी है। विवादित वार्डों के टिकट तय करने के लिए हुई बैठक में भीलवाड़ा के वार्डों की सूची पर चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री रामलाल जाट और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रहे धीरज गुर्जर आमने-सामने हो गए। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के सामने दोनों में तीखी बहस हुई। बात व्यक्तिगत टिप्पणियों से होते हुए गाली-गलौज तक पहुंच गई। इसके बाद रामलाल जाट बैठक कक्ष से बाहर निकल गए। सूत्रों के अनुसार, बैठक में भीलवाड़ा के वार्डों के नामों पर चर्चा चल रही थी। सूची में धीरज गुर्जर खेमे के कुछ नामों को लेकर रामलाल जाट ने टिप्पणी कर दी। जाट की टिप्पणी पर धीरज गुर्जर नाराज हो गए और उन्होंने भी जाट को खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बहस के दौरान दोनों नेताओं की ओर से व्यक्तिगत टिप्पणियां भी की गईं। डोटासरा और जूली के सामने ही माहौल काफी गरमा गया। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद रामलाल जाट बैठक कक्ष से बाहर निकल गए। विवादित वार्डों पर सहमति बनाने की कवायद... कांग्रेस में निकाय चुनाव के लिए वार्डवार टिकटों की तैयारियां चल रही हैं। खासकर विवादित वार्डों में अलग-अलग नेताओं और गुटों की पसंद के नाम सामने आने से सहमति बनाने की चुनौती बनी हुई है। भीलवाड़ा में जाट और गुर्जर के बीच हुआ विवाद इसी राजनीतिक खींचतान का उदाहरण माना जा रहा है। अजमेर में टायर जलाकर विरोध, बगावत की चेतावनी कांग्रेस की अधिकृत सूची जारी होने से पहले ही अजमेर में टिकटों को लेकर विरोध तेज हो गया। पार्टी की अंदरूनी खींचतान और बगावत के संकेत सामने आने लगे हैं। वार्ड 45 में बाहरी प्रत्याशी को टिकट दिए जाने की आशंका पर कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया और विरोध की चेतावनी दी। वार्ड 1 में पूर्व पार्षद ने सोशल मीडिया पर टिकट वितरण नीति पर सवाल उठाए। वहीं, वार्ड 15, 32 और 4 में दावेदारों के समर्थन और विरोध में लामबंदी जारी रही। कार्यकर्ताओं ने पांच साल से सक्रिय दावेदारों को प्राथमिकता देने की मांग की।